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मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के पास हॉट एयर बैलून में लगी आग, CM डॉ. मोहन यादव थे सवार

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Published On: 13 September 2025

मंदसौर के गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में चल रहे चौथे गांधीसागर फेस्टिवल के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हॉट एयर बैलून की सवारी करने पहुंचे। उनके साथ मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता भी मौजूद थे। लेकिन मौसम ने खेल बिगाड़ दिया। हवा की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई, जिसकी वजह से बैलून उड़ान नहीं भर सका। इसी बीच एक छोटी-सी तकनीकी गड़बड़ी ने भी सभी को पल भर के लिए चिंता में डाल दिया।

बैलून के निचले हिस्से में लगी आग

जब बैलून में हवा भरी जा रही थी, तभी अचानक वह नीचे झुक गया और उसके निचले हिस्से में आग लग गई। ठीक उसी समय सीएम ट्रॉली में सवार थे। सिक्योरिटी गार्ड्स ने तुरंत ट्रॉली को संभाला और वहीं मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। इस तरह बड़ी घटना होने से टल गई और मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।

सुरक्षा में कोई चूक नहीं: कलेक्टर

घटना के बाद मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने बयान जारी कर कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया गया था। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री जी केवल बैलून देखने गए थे। हॉट एयर बैलून का नाम ही बताता है कि इसमें गर्म हवा की जरूरत होती है और उड़ान तभी संभव होती है, जब हवा की गति लगभग शून्य हो।

तेज हवा ने नहीं दी इजाजत: एक्सपर्ट

हॉट एयर बैलून पायलट इरफान ने बताया कि सुबह 6 से 7:30 बजे के बीच हवा की रफ्तार बेहद कम रहती है, लेकिन उस वक्त गति 15 से 20 किमी प्रति घंटा थी। यही कारण रहा कि बैलून उड़ान नहीं भर पाया। उन्होंने बताया कि बैलून पूरी तरह सुरक्षित है, इसका कपड़ा फायर प्रूफ है और यह एलपीजी सिलेंडर से चलता है। मैंने केरल से ट्रेनिंग ली है और सात साल से लगातार राइड करा रहा हूं, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं थी।

फेस्टिवल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार शाम गांधीसागर फेस्टिवल के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया था। इसके बाद वे पास ही बने हिंगलाज रिसोर्ट में रात रुके। रात में उन्होंने क्रूज पर सवार होकर चंबल डैम के बैक वाटर का नजारा लिया और शनिवार सुबह बोटिंग का आनंद उठाया। इसके बाद रोमांचक सफर के लिए हॉट एयर बैलून की ओर बढ़े, लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया।

सीएम बोले- “कहां विदेश जाना? सब यहीं है”

बैलून न उड़ पाने के बाद भी मुख्यमंत्री ने पूरे कार्यक्रम का मजा लिया और इसे यादगार बताया। उन्होंने कहा –
“गांधीसागर किसी महासागर से कम नहीं है। यहां प्राकृतिक धरोहर और वन्यजीव संपदा भरपूर है। मैं यहां रात रुका और वाटर एक्टिविटी का आनंद लिया। पर्यटकों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं। लोग सोचते हैं विदेश जाना पड़ेगा, लेकिन ऐसी खूबसूरती और अनुभव हमारे ही प्रदेश में मौजूद है।”

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