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किसान की जेब खाली तो कैसे मनी दीवाली, बोले मुकेश नायक

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Published On: 23 October 2025

मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने गुरुवार को कहा कि किसानों और आम जनता की निराशाजनक दीवाली के लिए राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। प्रेस ब्रीफिंग में नायक ने कहा कि इस बार देश में केवल 20 प्रतिशत लोगों ने दीवाली मनाई, जबकि 80 प्रतिशत लोग आर्थिक तंगी के कारण सिर्फ तमाशा देखते रह गए। उन्होंने कहा कि महंगाई और फसल नुकसान ने आम लोगों की खुशियां छीन ली हैं।

लोगों के पास दीवाली मनाने की कोई वजह नहीं थी। सोयाबीन तेल Rs 180 प्रति लीटर बिक रहा है। कई परिवारों को मजबूरी में सस्ते लड्डुओं से ही दीवाली मनानी पड़ी। उन्होंने बताया कि फसलें खराब हुईं और किसानों को कोई राहत नहीं मिली।

साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए नायक ने कहा कि कृषि को लाभकारी धंधा बनाने का उनका वादा पूरी तरह झूठा साबित हुआ। “खेती में लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद और उपकरणों की कीमतें आसमान छू रही हैं। फसलों का दाम नहीं मिल रहा और खाद की कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है,” उन्होंने कहा।

नायक ने आरोप लगाया कि उर्वरकों की जमकर कालाबाजारी हो रही है। “डीएपी, जिसकी सरकारी कीमत Rs 1,350 प्रति बोरी है, बाजार में Rs 2,000 से Rs 2,500 तक बिक रही है। इसी तरह Rs 267 वाली यूरिया Rs 450 से Rs 500 में बेची जा रही है,” उन्होंने कहा। किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही, और मजबूर होकर वे महंगे दामों पर खरीद रहे हैं।

भावांतर भुगतान योजना

सोयाबीन के दामों को लेकर नायक ने कहा कि सरकार ने Rs 6,000 प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन किसानों को केवल Rs 2,700 से Rs 3,500 प्रति क्विंटल ही मिल रहा है। भारी बारिश और पीला मोजेक बीमारी से फसल पहले ही नष्ट हो चुकी है। जो बची है, उसका दाम भी नहीं मिल रहा। उन्होंने भावांतर भुगतान योजना को “झूठा दावा” बताया और कहा कि पंजीयन प्रक्रिया में देरी के कारण 35 से 50 प्रतिशत किसान पहले ही अपनी फसल बेच चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इन किसानों को योजना का लाभ मिलेगा?

किसानों के दर्द का मजाक

नायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे की शादी में हुआ खर्च और हेलीकॉप्टर से कुदाल लेकर उतरना किसानों के दर्द का मजाक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने किसानों की पीड़ा को समझते हुए 50 किलो की बोरी कंधे पर रखकर दो किलोमीटर पैदल चले, लेकिन शिवराज सिंह ने उसका उपहास किया। नायक ने मांग की कि सरकार किसानों को फसलों का उचित मूल्य, सस्ते उर्वरक और समय पर राहत मुहैया कराए।

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