MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईएफएस सर्विस मीट में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग की तारीफ करते हुए मगरमच्छों को छोड़ने पर मजाकिया तंज भी किया। उन्होंने कहा कि मगरमच्छों को छोड़ना पकड़ना होता रहता है, लेकिन वन विभाग ने इसे संभाल लिया। यह प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण जरूर थी।
मुख्यमंत्री ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते के पुनर्स्थापना, चंबल में घड़ियाल और नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़ने के अनुभव को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वन और वन्य जीवों के साथ-साथ क्षेत्रीय रहवासियों के निर्भय संबंध केवल वन विभाग की मेहनत से संभव हो पाए हैं। डॉ. यादव ने वन विभाग की गतिविधियों को नभ, थल और जल सभी क्षेत्रों में व्यापक बताते हुए कहा कि देश में वन विभाग की ग्रोथ सर्वश्रेष्ठ है।
MP में IFS मीट का आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि IFS मीट सिर्फ प्रोफेशनल संवाद का मंच नहीं, बल्कि पारिवारिक आत्मीयता और सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी है। इस मौके पर डॉ. यादव ने आईएफएस थीम गीत का विमोचन किया और सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एवं पूर्व पीसीसीएफ डॉ. पीबी गंगोपाध्याय को उनके योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया।
कल्चरल प्रोग्राम और प्रतिभा प्रदर्शन
मीट के पहले दिन 2024 बैच के प्रोबेशनर अफसरों ने ग्रुप डांस के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके अलावा ग्रुप सांग, लेजी डांस, रैम्प वॉक और स्किट में अफसर और उनके परिवार ने भाग लिया। शाम को फनी ड्रेस प्रतियोगिता, सोलो डांस और सोलो सांग के माध्यम से 18 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित आईएफएस सर्विस मीट-2026 एवं वानिकी सम्मेलन का शुभारंभ कर थीम सॉन्ग लॉन्च किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी स्व. डॉ. पी. बी. गंगोपाध्याय को प्रदेश के… pic.twitter.com/nZGkTJF4kB
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 30, 2026
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में वानिकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें एक्सपर्ट प्रजेंटेशन, कल्पतरु केस स्टडी, विजन 2047 और चंदन पौधरोपण पर प्रजेंटेशन शामिल थे। साथ ही वानिकी प्रश्नोत्तरी, चित्रकला प्रतियोगिता और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
अगले दिन के कार्यक्रम
कल खेलकूद प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि भोज का आयोजन भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में होगा। आईएफएस मीट में वरिष्ठ और रिटायर्ड अधिकारी दोनों शामिल हैं, जिससे वन विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों पर चर्चा और अनुभव साझा किया जा रहा है।
