MP विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आगामी सत्र की तैयारियों को लेकर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुला ली है। यह बैठक 30 नवंबर को शाम 7.30 बजे राजधानी भोपाल के होटल अशोका में होगी। इसमें सभी विधायकों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। उमंग सिंघार ने बताया कि 1 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर पार्टी की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में विधायकों से सुझाव लेकर यह तय किया जाएगा कि जनहित से जुड़े कौन-कौन से मुद्दे सत्र में प्राथमिकता से उठाए जाएं।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की विफल नीतियों, भ्रष्टाचार और घोटालों को उजागर करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस सत्र में सरकार को कटघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। कई विभागों में गड़बड़ियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाएगा।
किसानों के मुद्दों पर जोर
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य न मिलने का मुद्दा हो, युवाओं के रोजगार की समस्या हो या फिर प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था कांग्रेस इन सभी विषयों पर सख्ती से आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से किसानों और युवाओं की शिकायतें लगातार आ रही हैं, जिन्हें विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा। उमंग सिंघार ने बताया कि सत्र की अवधि बेहद कम रखी गई है। इसका कांग्रेस ने पहले ही विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में बड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा संभव नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस विधायक हर मुद्दे पर सरकार को घेरने का काम करेंगे।
आज भोपाल निवास पर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी श्री शिवी सिंह चौहान, सह-प्रभारी एवं युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव श्री रूपेश भदौरिया, राष्ट्रीय महासचिव श्री मितेंद्र सिंह, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्री यश घनघोरिया, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंह, प्रदेश युवा… pic.twitter.com/kE4ptn3R3h
— Umang Singhar (@UmangSinghar) November 26, 2025
जनहित के एजेंडे को लेकर दृढ़ रुख
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस जनहित के किसी भी मुद्दे को दबने नहीं देगी। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की दिक्कतें, महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी घपलों पर कांग्रेस लगातार तीखे सवाल उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी सत्र में कांग्रेस का रुख पूरी तरह आक्रामक रहेगा। अब सभी की नजर 30 नवंबर की इस बैठक पर है, जिसमें तय होगी वह रणनीति जिसके दम पर कांग्रेस विधानसभा में अपनी बात मजबूती से रखेगी। 1 दिसंबर से शुरू हो रहे सत्र को विपक्ष पहले ही अहम बता चुका है।
