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भोपाल में वोटर लिस्ट की सघन जांच शुरू, SIR के तहत ASDR श्रेणी के मतदाताओं का घर-घर सत्यापन

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Published On: 15 December 2025

भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट की सघन जांच सोमवार से शुरू हो गई है। मृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित, डबल नाम और अन्य श्रेणियों में दर्ज मतदाताओं की पड़ताल के लिए जिला प्रशासन के अफसर खुद मैदान में उतर आए हैं। अगले दो दिनों में 4 लाख से ज्यादा मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जाना है। जांच अभियान की अगुवाई कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह कर रहे हैं। उन्होंने खुद भोपाल मध्य विधानसभा के एक पोलिंग बूथ की जिम्मेदारी ली है, जहां 92 मतदाताओं का सत्यापन वे स्वयं कर रहे हैं। सोमवार सुबह 11 बजे से उन्होंने घर-घर जाकर पड़ताल शुरू की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता सूची में दर्ज जानकारी सही है या नहीं।

अनकलेक्टेबल श्रेणी में शामिल मतदाताओं की जांच के लिए 551 अधिकारियों, बीएलओ और सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी को अलग-अलग बूथ आवंटित किए गए हैं। 15 और 16 दिसंबर को ये टीमें घर-घर जाकर मतदाताओं की स्थिति की पुष्टि करेंगी और रिपोर्ट तैयार करेंगी।

वरिष्ठ अफसरों को भी मिले बूथ

इस अभियान में नगर निगम कमिश्नर, जिला पंचायत सीईओ, एडीएम, एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी बूथ स्तर की जिम्मेदारी दी गई है। हर अधिकारी को तय संख्या में मतदाताओं का सत्यापन करना है। उद्देश्य यही है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और मतदाता सूची पूरी तरह दुरुस्त की जा सके। सुभाषनगर क्षेत्र में सत्यापन के दौरान कलेक्टर ने एक मकान पर पहुंचकर मतदाता की जानकारी पूछी। वहां पता चला कि संबंधित मतदाता परिवार सहित दूसरे इलाके में शिफ्ट हो चुका है। इसके बाद नया पता और मोबाइल नंबर लेकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए, ताकि सही जगह पर वेरिफिकेशन किया जा सके।

विधानसभावार आंकड़े चौंकाने वाले

एसआईआर के दौरान भोपाल जिले में करीब 4 लाख 79 हजार मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जो अपने पते पर नहीं मिले या स्थान बदल चुके हैं। इनमें 31 हजार से अधिक मतदाता मृत बताए गए हैं। गोविंदपुरा विधानसभा में सबसे ज्यादा मतदाता शिफ्ट हुए हैं, जबकि नरेला विधानसभा में मृत मतदाताओं की संख्या अधिक सामने आई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ASDR श्रेणी के मतदाताओं की सूची विधानसभावार वेबसाइट पर अपलोड की गई है। मतदाता स्वयं भी सूची देखकर यदि कोई गलती पाए तो प्रशासन को जानकारी दे सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद गलत प्रविष्टियों को हटाकर वोटर लिस्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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