भोपाल | मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर तीखा हमला बोला है। ट्विटर (एक्स) पर गृहमंत्री व मुख्यमंत्री को टैग करते हुए पटवारी ने कहा कि लाड़ली बहनों के नाम पर प्रचार तो बहुत हुआ, लेकिन हकीकत में प्रदेश की लाड़लियों की पढ़ाई-लिखाई को सरकार ने उपेक्षा के अंधेरे में धकेल दिया है।
पटवारी ने लिखा कि “गृहमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी! मप्र में लाड़ली-उत्पीड़न की इस दर्दनाक कहानी को जरूर सुनिए, शायद गुमशुदा शर्म लौट आए और मृत संवेदनशीलता में हलचल हो जाए।”
पेश किए आंकड़े
उन्होंने एक के बाद एक आंकड़े पेश करते हुए प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर चिंता जताई। पटवारी ने बताया कि प्रदेश में 92,695 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से 44,620 स्कूलों में शिक्षक के पद खाली हैं। 15,432 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक ही शिक्षक है, जबकि 2,621 स्कूलों में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है। 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों की संख्या 43,362 है। 8.19% स्कूलों में शौचालय तक नहीं हैं, जबकि 3.28% में लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट नहीं है। 7,189 स्कूलों की बिल्डिंग मरम्मत की बाट जोह रही है। 5,185 स्कूलों में खेल मैदान नहीं है। वहीं, 1,20,764 स्कूल डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा से वंचित हैं। 7,966 स्कूलों में हाथ धोने की मूलभूत सुविधा तक नहीं है।
गृहमंत्री @DrMohanYadav51 जी!
मप्र में लाड़ली-उत्पीड़न की इस दर्दनाक कहानी को जरूर सुनें! हो सकता है गुमशुदा शर्म लौट आए, मृत संवेदनशीलता जीवित हो जाए!मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी!
खंडवा ही नहीं, समूचे प्रदेश के सरकारी स्कूल बदहाली के गंभीर और अराजक दौर में दाखिल हो चुके हैं!… pic.twitter.com/OPf0idUBeU— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) July 19, 2025
कसा तंज
हाल ही में खंडवा में एक सरकारी स्कूल में छात्रा के साथ हुए उत्पीड़न का मामला सामने आया था, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद, कांग्रेस लगातार सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। इसके अलावा, पटवारी ने तंज कसते हुए कहा, “प्रदेश का भी कभी पर्यटन-प्रोग्राम बना लीजिए मुख्यमंत्री जी! विदेश में तस्वीरें अच्छी आती हैं, लेकिन यहां की जमीनी सच्चाई आपके राजनीतिक कैमरे से ओझल होती जा रही है।”
