मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित और सामाजिक समानता के प्रतीक स्व. कर्पूरी ठाकुर जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन सामाजिक न्याय, समर्पण और जनकल्याण के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सेवा और समानता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस नीतियां अपनाईं। उनका त्याग और समर्पण सामाजिक सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ।
कर्पूरी ठाकुर जयंती
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक समानता का प्रतीक इसलिए माना जाता है क्योंकि उन्होंने सत्ता और प्रशासन को आम जनता के हित में उपयोग करने का प्रयास किया। उनके निर्णयों और नीतियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सम्मान, अवसर और सुरक्षा प्रदान करना था। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची राजनीति वही है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाए।
राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का योगदान केवल सामाजिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और रोजगार के क्षेत्र में ऐसे कार्य किए, जिनका प्रभाव आज भी महसूस किया जा सकता है। उनके विचार और कार्य देश के लिए एक स्थायी विरासत बन चुके हैं।
सामाजिक समानता के प्रतीक, भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
राष्ट्र निर्माण के साथ ही गरीबों एवं वंचितों के कल्याण हेतु आपका त्याग व समर्पण हम सभी को समाज सेवा के मार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
#KarpooriThakur pic.twitter.com/Ii5u2WP028
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 24, 2026
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों से प्रेरणा लें और समाज सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग समानता, समरसता और सेवा के मूल्यों को अपनाए, तो एक सशक्त और समावेशी समाज का निर्माण संभव है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि कर्पूरी ठाकुर की जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक न्याय, समता और जनकल्याण के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।
