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25 से 27 जनवरी तक आमजन के लिए खुलेगा लोकभवन, ऐतिहासिक धरोहर और प्रदर्शनियां होंगी आकर्षण

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Published On: 23 January 2026

भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन आम नागरिकों के लिए खोला जा रहा है। इन तीन दिनों में लोग लोकभवन की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और विशेष सजावट को नजदीक से देख सकेंगे। यह पहल नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने और संविधान के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।

राज्यपाल के प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और लोकभवन का भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नागरिकों और शासन के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लोकभवन का भ्रमण

लोकभवन का भ्रमण 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक किया जा सकेगा। वहीं, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को भ्रमण का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। आमजन के लिए प्रवेश गेट नंबर-1 से और निकास गेट नंबर-4 से रखा गया है। वाहनों की पार्किंग कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में की जाएगी, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रहे।

दर्शनीय स्थल

लोकभवन भ्रमण के लिए नागरिकों के लिए एक निर्धारित रूट बनाया गया है। गेट नंबर-1 से प्रवेश के बाद लोग लोकभवन सचिवालय और वीआईपी रोड होते हुए कांच गेट से परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद स्वर्ण जयंती सभागार (बैंक्वेट हॉल), ऐतिहासिक दरबार हॉल, तोप एवं ध्वज वंदन स्थल का अवलोकन कर सकेंगे। नागरिक सिविल डिस्पेंसरी के सामने आयोजित प्रदर्शनी, सांदीपनि सभागार के बाहर वॉटर फाउंटेन के पास वीडियो वॉल पर प्रदर्शित लघु फिल्मों का आनंद भी ले सकेंगे। भ्रमण के अंत में मंदिर के सामने वाले द्वार से होते हुए गेट नंबर-4 से बाहर निकलने की व्यवस्था की गई है।

राज्य सरकार की विशेष प्रदर्शनियां

लोकभवन में आमजन के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की विकासपरक एवं ऐतिहासिक उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। केन्द्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना” और “वंदे भारत” थीम पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो देश के विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देगी। वहीं, मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की “राजभवन से लोकभवन” विषयक प्रदर्शनी में राज्य की स्थापना से लेकर अब तक के राज्यपालों का परिचय सरल और रोचक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

लोकभवन का यह विशेष आयोजन नागरिकों को इतिहास, संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर देगा। प्रशासन का मानना है कि यह कार्यक्रम लोगों में शासन के प्रति भरोसा बढ़ाने और प्रदेश की विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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