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माघ मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रयागराज रामबाग और झूसी में 12 ट्रेनों का अतिरिक्त ठहराव

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Published On: 14 January 2026

माघ मेला 2026 के दौरान प्रयागराज पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने अहम निर्णय लिया है। भोपाल मंडल होकर गुजरने वाली 12 प्रमुख ट्रेनों को जनवरी और फरवरी माह में प्रयागराज रामबाग एवं झूसी रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव प्रदान किया गया है। इस निर्णय से यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रेलवे प्रशासन द्वारा इन सभी ट्रेनों को 2 मिनट का अतिरिक्त ठहराव दिया गया है। यह ठहराव भले ही समय के लिहाज से छोटा हो, लेकिन माघ मेला जैसे बड़े आयोजन में यात्रियों के लिए यह काफी मददगार साबित होगा। इससे बुजुर्ग, महिलाएं और भारी सामान के साथ यात्रा कर रहे श्रद्धालु आसानी से ट्रेन में चढ़-उतर सकेंगे।

माघ मेला 2026

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह विशेष व्यवस्था जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान अलग-अलग तिथियों में लागू रहेगी। अलग-अलग ट्रेनों के लिए ठहराव की अवधि और ट्रिप की संख्या तय की गई है। कुछ ट्रेनें पूरे मेला काल में कई ट्रिप के दौरान ठहरेंगी, जबकि कुछ को चयनित तारीखों पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है।

अतिरिक्त ठहराव पाने वाली ट्रेनों में लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, उधना, अहमदाबाद, दरभंगा, जयनगर, गोरखपुर और बनारस जैसे बड़े शहरों को जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। इससे उत्तर भारत के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचने में सहूलियत होगी।

बढ़ेगी यात्री सुविधा

प्रयागराज जंक्शन पर अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे लगातार वैकल्पिक स्टेशनों को मजबूत कर रहा है। रामबाग और झूसी स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव देने से यात्रियों का दबाव बंटेगा और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन के लिए भी यह निर्णय सहायक माना जा रहा है।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की संख्या, तिथि और समय-सारिणी की जानकारी अवश्य जांच लें। इसके लिए आधिकारिक रेलवे वेबसाइट, एनटीईएस ऐप या नजदीकी रेलवे स्टेशन से जानकारी प्राप्त की जा सकती है, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।

रेलवे का कहना है कि माघ मेला जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिरिक्त ठहराव की यह व्यवस्था भी उसी दिशा में एक प्रयास है, जिससे श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित यात्रा कर सकें।

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