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VIT भोपाल में खाने-पीने को लेकर बड़ा विवाद, छात्रों की सेहत बिगड़ी तो देर रात भड़का गुस्सा

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Published On: 26 November 2025

भोपाल के वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) में बीते कुछ दिनों से भोजन और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। छात्रों का आरोप है कि मेस में मिलने वाला खाना खराब है और हॉस्टल में उपलब्ध पानी भी दूषित है, जिससे कई छात्र बीमार हो गए। कैंपस में चर्चा यह भी रही कि गंभीर हालत में कुछ छात्रों की मौत की खबर फैलने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

सोमवार देर रात करीब दो बजे बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर निकले और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने कहा कि उनकी शिकायतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। विरोध के दौरान कई छात्र अपनी सेहत को लेकर डर और नाराज़गी दिखाते रहे।

अभाविप ने उठाई आवाज

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और निजी विश्वविद्यालय आयोग को ज्ञापन सौंपा। अभाविप ने कहा कि छात्रों की सेहत और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा किसी भी हाल में अनदेखा नहीं किया जा सकता। परिषद का कहना है कि कई छात्रों ने प्रशासन को शिकायत दर्ज करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि शिकायतें दबाई गईं। छात्रों पर दबाव बनाया गया। इससे विद्यार्थियों में असंतोष और बढ़ गया।

कार्रवाई की मांग

  • भोजन और पेयजल की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच तुरंत कराई जाए।
  • छात्रों की शिकायतें बिना किसी दबाव और डर के दर्ज की जाएं और निष्पक्ष जांच हो।
  • निजी विश्वविद्यालय आयोग की पिछली जांच में जो अनियमितताएँ पाई गई थीं, उन पर लगाए गए आर्थिक दंड की पुनः समीक्षा हो।
  • यदि प्रबंधन की लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • अभाविप का कहना है कि जब परिसर में हजारों छात्र रहते हैं, तो उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

छात्रों में भरोसा कम हो रहा

VIT भोपाल में इससे पहले भी भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर कई बार शिकायतें उठ चुकी हैं। निजी विश्वविद्यालय आयोग ने पिछले वर्षों में निरीक्षण के दौरान कुछ गड़बड़ियां पाई थीं और संस्थान पर आर्थिक दंड भी लगाया था। छात्रों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बाद भी हालात में सुधार न होना बड़ी लापरवाही का संकेत है।अभाविप ने साफ कहा है कि छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की है, ताकि कैंपस का माहौल सामान्य हो और छात्रों का भरोसा वापस लौट सके।

वहीं, छात्र भी चाहते हैं कि प्रशासन खुले तौर पर स्थिति बताए और रहने-खाने की सुविधाओं में सुधार किया जाए। फिलहाल, निजी विश्वविद्यालय आयोग और शिक्षा विभाग मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी है।

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