सीहोर में निजी न्यूज चैनल के पत्रकार प्रमोद शर्मा और रजत दुबे के साथ कथित मारपीट और पुलिसिया दुर्व्यवहार की घटना ने मीडिया जगत में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। इस घटना के विरोध में भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्रों ने सोमवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक विरोध माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय परिसर में हुए इस प्रदर्शन में मीडिया के छात्र, शोधार्थी और विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।
छात्रों ने माखनपुरम चौराहे पर लगी दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा के समक्ष एकत्र होकर विरोध दर्ज कराया और पत्रकारों पर हुए हमले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार बताया।
माल्यार्पण के साथ जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सरकार से सद्बुद्धि की प्रार्थना की। छात्रों का कहना था कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और यदि उन्हीं को डराया-धमकाया जाएगा, तो सच सामने कैसे आएगा। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा, जिसमें किसी प्रकार का उग्र व्यवहार नहीं हुआ।
छात्र नेतृत्व की दो टूक चेतावनी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मीडिया छात्र प्रतीत चांडक ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जब तक आष्टा थाने के टीआई पर एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक मीडिया छात्रों की यह आवाज थमने वाली नहीं है। छात्र संगठन हिंदी परिवार के प्रमुख ओंकार अवस्थी ने कहा कि यदि राजधानी से महज 60 किलोमीटर दूर पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, तो पूरे प्रदेश में निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उन्होंने दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
निलंबन की मांग
प्रदर्शनकारियों ने एक सुर में आष्टा टीआई के निलंबन और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना था कि यदि समय रहते उदाहरणात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी और पत्रकारों का मनोबल टूटेगा।
ये लोग रहे शामिल
इस प्रदर्शन में प्रिंस चौधरी, अमन पठान, उद्यांश पांडे, आदर्श पांडे, सत्यम मिश्रा, तनय शर्मा, पार्थ गौतम, दिव्यांशु पटेल, नितेश, हिमांशु, सौरव केशव, आशीष मावई और अभिषेक सहित कई छात्र मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि पत्रकारों पर हमला अब चुपचाप सहन नहीं किया जाएगा।
