सीहोर | मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में सावन की आस्था उस समय मातम में बदल गई, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में दो महिलाओं की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। घटना सोमवार सुबह उस वक्त हुई जब श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के दौरान दर्शन के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में जमा थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी अफरा-तफरी में दो महिलाएं नीचे गिर गईं और भीड़ में दब गईं। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। मृत महिलाओं की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है। घायल श्रद्धालुओं को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। मंदिर परिसर को कुछ समय के लिए खाली करवाया गया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी गई।
ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू
बता दें कि 6 अगस्त को कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में भव्य कांवड़ यात्रा प्रस्तावित है, जिसमें पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी को लेकर 5 अगस्त रात 12 बजे से 6 अगस्त रात 10 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस, ट्रैफिक कर्मी और मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की है और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि भगदड़ के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि कुबेरेश्वर धाम में इससे पहले भी 2023 में भगदड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। तब रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम के दौरान दो लोगों की जान गई थी। इसके बाद भीड़ प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठे थे, जो अब एक बार फिर प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं।
