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MP का बजट बदलेगा परंपरा, जनता की आवाज बनेगा नीति का आधार

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Published On: 22 December 2025

सोमवार को भोपाल में आयोजित बजट संवाद कार्यक्रम में MP के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बजट को लेकर सरकार की सोच साफ शब्दों में रखी। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट केवल आंकड़ों की सूची नहीं होगा, बल्कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों का आईना बनेगा। सरकार का फोकस इस बार जनभावनाओं को सीधे बजट से जोड़ने पर है।डिप्टी सीएम ने बताया कि मध्यप्रदेश आगामी तीन वर्षों के लिए रोलिंग बजट तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह प्रयोग देश में पहली बार किसी राज्य द्वारा किया जाएगा। उनका कहना था कि इससे योजनाओं में निरंतरता आएगी और विकास की दिशा ज्यादा स्पष्ट होगी।

देवड़ा ने कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को ज्यादा लोकतांत्रिक बनाने के लिए जनता की भागीदारी बढ़ाई गई है। इसी के तहत ई-मेल, वेबसाइट, फोन और अन्य माध्यमों से सुझाव मांगे गए, जिनके जरिए 945 सुझाव प्राप्त हुए। इन सुझावों को नीति निर्धारण में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

आर्थिक लक्ष्य और बड़ा निवेश

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 के लिए 82 हजार 513 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 27.2 लाख करोड़ और 2047 तक 250 लाख करोड़ रुपये से अधिक किया जाए। इसके साथ प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का भी रोडमैप तैयार किया गया है। डिप्टी सीएम ने साफ किया कि आगामी बजट में कृषि और किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें सब्सिडी पर निर्भरता से बाहर निकालना है। इसके साथ उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन के लिए भी ठोस सुझावों को महत्व दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों की अहम राय

बजट संवाद में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने सुझाव रखे। वित्त सचिव लोकेश कुमार जाटव ने बजट प्रक्रिया की जानकारी दी। नाबार्ड के सुशील कुमार ने निवेश, सिंचाई और मंडी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया। युवा आयोग के सदस्य आशुतोष सिंह ठाकुर ने युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और उच्च शिक्षा में अलग बजट की जरूरत बताई। आरबीआई की अल्का गर्दे ने महिलाओं के प्रशिक्षण को आय से जोड़ने की बात कही। उद्योग भारती के मितेश लोकवानी ने आईटी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का सुझाव दिया। अन्य वक्ताओं ने स्टार्टअप, जीएसटी, डेटा सेंटर, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर अपने विचार साझा किए।

सरकार का भरोसा

कार्यक्रम के अंत में डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों और जनता के सुझावों के साथ तैयार होने वाला यह बजट मध्यप्रदेश को विकास के नए रास्ते पर ले जाएगा।

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