MP कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार पार्टी के डॉक्टर एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इस कदम को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की सक्रिय भूमिका को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ विषय हैं। सरकारी अस्पतालों की हालत, निजी स्वास्थ्य संस्थानों की मनमानी और आम मरीजों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में चिकित्सा प्रकोष्ठ को सशक्त कर कांग्रेस इन मुद्दों को मजबूती से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
नई प्रदेश कार्यकारिणी में विभिन्न जिलों और संभागों से जुड़े अनुभवी चिकित्सकों को शामिल किया गया है। संगठन ने ऐसे डॉक्टरों को प्राथमिकता दी है, जो लंबे समय से चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत हैं और सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे हैं। इससे पार्टी को नीतिगत सुझाव मिलने के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र की जमीनी हकीकत सामने लाने में मदद मिलेगी।
सक्रिय रहेगा प्रकोष्ठ
कांग्रेस के अनुसार डॉक्टर एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ का मुख्य उद्देश्य केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। यह प्रकोष्ठ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और मरीजों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन, संवाद और जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी के निर्देशानुसार डॉक्टर और चिकित्सा प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी की नियुक्ति की गई है। सभी को बधाई शुभकामनाएं! pic.twitter.com/Z06dgxJdCY
— MP Congress (@INCMP) December 20, 2025
सूत्रों की मानें तो आगामी समय में होने वाले चुनावों को देखते हुए चिकित्सा प्रकोष्ठ की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पार्टी का स्पष्ट और मजबूत पक्ष जनता के सामने आए। इसके लिए डॉक्टरों के अनुभव और सुझावों को घोषणापत्र और नीतिगत दस्तावेजों में शामिल किया जाएगा।
नई ऊर्जा का दावा
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि नई कार्यकारिणी के गठन से संगठन में नई ऊर्जा आएगी। चिकित्सा प्रकोष्ठ के माध्यम से कांग्रेस न केवल डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को जोड़ने का काम करेगी, बल्कि आम नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी मुखरता से उठाएगी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद जल्द ही बैठक आयोजित कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। इसमें प्रदेशभर में स्वास्थ्य संवाद, मेडिकल कैंप और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पार्टी का दावा है कि यह पहल कांग्रेस को स्वास्थ्य के मुद्दे पर एक मजबूत आवाज के रूप में स्थापित करेगी।
