लाडली बहना योजना से जुड़ा कथित धमकी भरा बयान सामने आने के बाद भोपाल में सियासी माहौल गरमा गया। MP महिला कांग्रेस ने शनिवार को राजधानी में मंत्री विजय शाह का पुतला जलाकर तीखा विरोध दर्ज कराया। महिला कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री ने अधिकारियों की बैठक में लाडली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाने वाला बयान दिया, जो न केवल निंदनीय है बल्कि महिलाओं के सम्मान के खिलाफ भी है।
क्या है विवाद की जड़?
महिला कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, मंत्री विजय शाह ने कथित तौर पर कहा कि जो महिलाएं मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी, उनके खिलाफ जांच बैठाई जाए। इस बयान को महिला कांग्रेस ने सीधी धमकी करार दिया है। संगठन का कहना है कि किसी भी योजना का लाभ महिलाओं का अधिकार है, न कि सरकार की मेहरबानी, और इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
महिला कांग्रेस का तीखा हमला
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लाडली बहना योजना के नाम पर महिलाओं को डराने की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को जो आर्थिक सहयोग दे रही है, वह उनका संवैधानिक हक है। ऐसे में किसी मंत्री द्वारा यह कहना कि कार्यक्रम में न आने पर जांच होगी, महिलाओं के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
मुख्यमंत्री से बर्खास्तगी की मांग
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की कि विजय शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाया जाए। रीना बौरासी सेतिया ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब मंत्री ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की हो। इससे पहले भी उनके बयानों को लेकर विवाद हो चुका है, लेकिन अब महिला कांग्रेस इसे निर्णायक लड़ाई के रूप में लेगी। महिला कांग्रेस ने साफ किया कि भोपाल में पुतला दहन केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में मंत्री विजय शाह के पुतले जलाए जाएंगे। साथ ही जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से बर्खास्तगी की मांग की जाएगी। संगठन ने कहा कि जब तक मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में फरजाना खान, सुजाता दामले, पार्वती मौर्य, अल्फा, माया विश्वकर्मा, सरोज गुजरे, गीता बघेल, शबनम, सोनू सहित जिला महिला कांग्रेस की कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहीं। सभी ने एक सुर में कहा कि महिलाओं के अपमान के खिलाफ चुप्पी अब टूट चुकी है।
