MP में इस साल दीपोत्सव की शुरुआत भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन से हुई। शनि प्रदोष और धनतेरस के शुभ संयोग पर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष महापूजा और दीप आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दीप जलाकर भगवान महाकाल से सुख-समृद्धि की कामना की। उज्जैन के अलावा भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी सुबह से ही बाजारों में रौनक देखने को मिली।
इंदौर में सराफा बाजार में बिछा रेड कारपेट
धनतेरस पर इंदौर का सराफा बाजार इस बार किसी फिल्मी सेट जैसा सजा दिखा। दुकानदारों ने ग्राहकों के स्वागत के लिए रेड कारपेट बिछाया। बर्तन बेचने वाले एक व्यापारी ने तो अपनी दुकान को 44 फीट ऊंचाई तक सिर्फ बर्तनों से सजा दिया। शहर में सोने-चांदी की दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगीं। लोग लक्ष्मी पूजन से पहले नई खरीदारी करने में जुटे रहे। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी अपनी पुश्तैनी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहकों को सामान तौलकर दिया। विजयवर्गीय ने बताया कि यह दुकान उनके माता-पिता ने शुरू की थी और आज भी धनतेरस पर वे इसी दुकान पर बैठते हैं। उन्होंने कहा, “धनतेरस सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि अपने काम और परंपरा को याद करने का मौका है।”
स्थानीय बाजारों में खरीदारी का उत्साह
भोपाल में इस बार धनतेरस पर लग्जरी कारों और प्रॉपर्टी की डिमांड सबसे ज्यादा रही। कई कार शोरूम में पहले से ही बुकिंग फुल हो चुकी थी। वहीं, ज्वेलरी शॉप्स में लोगों की भीड़ शाम तक बनी रही। दुकानदारों ने बताया कि इस बार ग्राहकों की संख्या पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। बुरहानपुर में एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार और उनकी पत्नी ने अनोखी मिसाल पेश की। उन्होंने बड़े शोरूम की बजाय फुटपाथ पर बैठे स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी की। एसपी पाटीदार ने कहा, “त्योहारों पर स्थानीय व्यापारियों से खरीदारी करना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि समाजिक जिम्मेदारी भी है।”
कारोबार 2500 करोड़ पार करने की उम्मीद
व्यापारियों के मुताबिक, इस बार प्रदेश में धनतेरस पर करीब ₹2500 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की संभावना है। ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, ज्वेलरी और बर्तन मार्केट में जबरदस्त बिक्री हो रही है। सोने-चांदी की चमक के साथ ही इस बार लोगों की पसंद में इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू उपकरण और चांदी के सिक्के भी शामिल हैं। कई जगहों पर तो दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ऑफर और स्कीम भी निकाली हैं। दीपावली से पहले धनतेरस ने पूरे मध्य प्रदेश में रौनक भर दी है। उज्जैन के मंदिरों में दीपों की चमक है, इंदौर के बाजारों में चांदी-सोने की दमक है और भोपाल में गाड़ियों की कतारें हैं।
