MP में इस साल फरवरी से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होंगी। कुल 16 लाख छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होंगे। प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 226 केंद्र अति संवेदनशील माने गए हैं।
इस बार पहली बार परीक्षा प्रबंधन ने सवाल-पत्र की सुरक्षा के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है। परीक्षा प्रश्नपत्र को उठाने से लेकर केंद्र तक पहुँचाने तक हर स्टेप को ऐप के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा। जिम्मेदार व्यक्ति को प्रत्येक स्टेज पर सेल्फी अपलोड करनी होगी, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे।
MP बोर्ड परीक्षा
अति संवेदनशील केंद्रों पर लाइव CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। भोपाल स्थित कंट्रोल-कमांड सेंटर से पूरे प्रदेश के परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग की जाएगी। नौ जिलों भोपाल, इंदौर, देवास, सागर, दमोह, रीवा, भिंड, मुरैना और ग्वालियर में कुल 1000 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। प्रत्येक प्रश्नपत्र पैकेट का नंबर बारकोड में दर्ज किया जाएगा। पैकेट उठाने, परिवहन और केंद्र पर पहुँचने की पूरी जानकारी ऐप के माध्यम से ट्रैक होगी। यह व्यवस्था प्रश्नपत्र की सुरक्षा और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
केंद्र प्रबंधन के लिए निर्देश
सभी परीक्षा केंद्रों के अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों को इस डिजिटल निगरानी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक चरण की रिपोर्ट समय-समय पर कंट्रोल कमांड सेंटर को भेजी जाएगी। इससे प्रश्नपत्र चोरी, गबन या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों में पर्याप्त सुरक्षा और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। अति संवेदनशील जिलों में विशेष सुरक्षा और ट्रैकिंग उपाय लागू होंगे, ताकि 16 लाख छात्रों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा सुनिश्चित की जा सके।
