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MP में मुकेश नायक का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, मुख्य सचिव के कथित बयान से मचा सियासी तूफान

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Published On: 23 January 2026

MP कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब सिर्फ विपक्ष का आरोप नहीं रहा, बल्कि सरकार के तंत्र की “स्वीकारोक्ति” बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि मुख्य सचिव के कथित बयान ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में रिश्वत और लेन-देन एक सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है।

मुकेश नायक ने कहा कि कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव द्वारा कथित रूप से यह कहना कि प्रशासनिक काम बिना पैसे के नहीं होते और कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता, पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक नेता का नहीं, बल्कि प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी का बयान बताते हुए कहा कि इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

MP में आम जनता के न्याय पर सवाल

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि यदि जिला स्तर पर बिना पैसे के काम नहीं होता, तो आम नागरिकों को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने पूछा कि यदि यह स्थिति सही है, तो सरकार अब तक क्या कर रही थी और क्या यह मान लिया जाए कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार एक स्वीकृत व्यवस्था बन चुकी है।

मुकेश नायक ने बीते दो वर्षों के कई मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अशोकनगर में कलेक्टर पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे, लेकिन सरकार ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। भिंड जिले में कलेक्टर और भाजपा विधायक के बीच सार्वजनिक विवाद ने भी प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन, रेत, शराब, खनन और ट्रांसफर-पोस्टिंग जैसे मामलों में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

मॉडल का आरोप

मुकेश नायक ने भाजपा सरकार के कामकाज को “कर्ज + क्राइम + करप्शन” मॉडल करार देते हुए कहा कि जनता पर बढ़ता कर्ज, योजनाओं में कमीशनखोरी, ट्रांसफर-पोस्टिंग का बाजार और प्रशासनिक संरक्षण में भ्रष्टाचार अब सरकार की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव का कथित बयान यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचार को रोकने में असफल ही नहीं, बल्कि उसे सामान्य मान चुकी है।

सरकार से जवाब की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्य सचिव के बयान को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के सभी जिलों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही, पिछले दो वर्षों में कलेक्टरों पर लगे सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि वे इस बयान से सहमत हैं या नहीं। यदि बयान गलत है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई इस पर भी जवाब मांगा गया है।

मुकेश नायक ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य प्रशासनिक सेवाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता है ताकि व्यवस्था अधिक जनोन्मुखी, पारदर्शी और जवाबदेह बन सके। उन्होंने इसे लोकतंत्र और सुशासन के लिए जरूरी कदम बताया।

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