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MP में शिक्षक सम्मान और शैक्षिक गुणवत्ता को नया आयाम, शिक्षकों का सम्मान हर युग में अनमोल

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Published On: 29 January 2026

MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युग बदले, सदियां बदलीं, लेकिन शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक दीपक के समान होते हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रयासों से प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर हुआ है। बच्चों के प्रवेश और नामांकन दर में वृद्धि हुई है और ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को भोपाल में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर और सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सजाया।

MP में शिक्षक सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सांदीपनि और पीएमश्री विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। नई शिक्षा नीति-2020 को मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त व्याख्याता कोकिला सिंह, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास और किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु को चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, ‘हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ’ पुस्तिका, टेबल कैलेंडर और डायरी का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह शिक्षक समुदाय के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भीतर विद्यमान प्रतिभा को निखारते हैं और हर काल में समाज की उन्नति में योगदान देते हैं। मध्यप्रदेश की धरती ने कई महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया, जिन्होंने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में समाज और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाई।

शिक्षकों के लिए सरकारी पहलें

प्रदेश सरकार ने 22,000 से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तिकरण किया और चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान लागू किया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और नए सुविधाजनक विद्यालय बनाने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ से हुआ। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और सभी जिलों से आए शिक्षकवृंद ने इस सम्मेलन में भाग लिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया।

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