MP के नर्सिंग शिक्षा क्षेत्र में घोटाले की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने राजधानी भोपाल में खुलासा किया कि एनआरआई नर्सिंग कॉलेज में फर्जी फैकल्टी दिखाकर मान्यता प्राप्त की गई है। उनका आरोप है कि राज्य में नर्सिंग काउंसिल के कुछ अधिकारी कॉलेज संचालकों के साथ मिलकर नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा, “शिकायतों के बावजूद नर्सिंग काउंसिल के उच्च अधिकारियों ने फर्जी फैकल्टी को मान्यता दे दी। यह मामला पूरे सिस्टम की गंभीर लापरवाही का संकेत है।” आरोप है कि माधुरी शर्मा, धीरज गोविंदानी और मुकेश सिंह जैसी जिम्मेदार पदस्थियों पर बैठे अधिकारी कॉलेज संचालकों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं।
फर्जी फैकल्टी का खुलासा
एनएसयूआई की टीम ने जांच में पाया कि एनआरआई नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य एनसी थामस कई वर्षों से विदेश में हैं। वहीं ट्यूटर रश्मि ठाकुर एमपी नगर के एएसजी आई हॉस्पिटल में स्टाफ नर्स के रूप में काम कर रही हैं। बावजूद इसके उनका नाम कॉलेज की फैकल्टी लिस्ट में शामिल कर नर्सिंग काउंसिल से मान्यता प्राप्त कर ली गई। एनएसयूआई का कहना है कि यह केवल एक कॉलेज की समस्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की गड़बड़ी है।
क्राइम ब्रांच में शिकायत
एमपी नगर क्राइम ब्रांच में एनएसयूआई की टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त सुजित तिवारी को शिकायत सौंपकर कॉलेज संचालकों, फर्जी फैकल्टी और दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सुजित तिवारी ने आश्वासन दिया कि जल्द जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
रवि परमार ने कहा, “2025-26 सत्र के लिए लगभग 50 प्रतिशत नर्सिंग कॉलेजों में घोस्ट फैकल्टी दिखाई गई हैं। अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो एनएसयूआई राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।”
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि यह मामला मेडिकल शिक्षा विभाग और अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दिखाता है। जब एक ही व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन अलग-अलग संस्थानों में दिखाया जा सकता है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि फर्जी फैकल्टी का नेटवर्क सक्रिय है।
एनएसयूआई की मांग
एनएसयूआई ने पूरे प्रकरण की क्राइम ब्रांच द्वारा जांच कर, कॉलेज संचालकों, फर्जी फैकल्टियों और दोषी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में तुरंत मामला दर्ज करने की मांग की है।
इस मौके पर जिला महासचिव अनिमेष गोल्डी, योगेश सोनी और अभय राम भक्त भी उपस्थित थे।
