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भोपाल मेट्रो में सफर के नए नियम, क्या ले जा सकते हैं, क्या नहीं; यहां जानें पूरी गाइड

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Published On: 22 December 2025

करीब सात साल के इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो ने कमर्शियल रन शुरू कर दिया है और इसके साथ ही यात्रियों के लिए सख्त नियम भी लागू कर दिए गए हैं। पहले ही दिन करीब छह हजार लोगों ने मेट्रो में सफर किया। इस दौरान कई यात्रियों को सुरक्षा जांच और पाबंदियों का सामना करना पड़ा। मेट्रो प्रशासन का कहना है कि सुरक्षित, अनुशासित और सुचारू संचालन के लिए ये नियम जरूरी हैं।

भोपाल मेट्रो में यात्री अपने साथ किसी भी प्रकार के पालतू पशु या पक्षी नहीं ले जा सकेंगे। वहीं शराब ले जाने की सीमित अनुमति दी गई है, लेकिन शर्त यह है कि अधिकतम दो बोतल हों और वे पूरी तरह सीलबंद रहें। नशे की हालत में यात्रा करने वालों को मेट्रो में प्रवेश नहीं मिलेगा। संक्रामक बीमारी से पीड़ित, मानसिक रूप से असंतुलित या असंयमी यात्रियों को भी सफर की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रतिबंधित सामान की सूची

यात्री अपने साथ पेट्रोल, डीजल, हथियार, माचिस, लाइटर, खुले बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, तंबाकू और यहां तक कि सूखा नाश्ता भी नहीं ले जा सकेंगे। ड्रोन, सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार उपकरण और कैमरा भी प्रतिबंधित हैं। मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच की अनुमति जरूर है, लेकिन सुरक्षा जांच के दौरान इनकी जांच की जा सकती है। हवाई यात्रा की तरह मेट्रो में भी सामान के वजन की सीमा तय की गई है। एक यात्री अधिकतम 25 किलो तक का सामान ही अपने साथ ले जा सकेगा। इससे ज्यादा वजन होने पर प्रवेश से रोका जा सकता है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इससे भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी।

खेल उपकरण ले जाने की शर्तें

तीरंदाजी, मार्शल आर्ट, तलवारबाजी या ननचाकू जैसे खेलों से जुड़े खिलाड़ी विशेष शर्तों पर अपने उपकरण ले जा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उपकरण ढंके या पैक हों और खिलाड़ी या आयोजक की अनुमति मौजूद हो। भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर में कुल आठ स्टेशन सुभाष नगर से लेकर एम्स तक हैं। सभी स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा करीब 250 सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, हालांकि कुछ यात्रियों ने शुरुआती दिनों में गार्ड्स के व्यवहार को लेकर शिकायत भी की है।

नियम तोड़े तो जेब पर पड़ेगा असर

मेट्रो में बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। स्टेशन या कोच में थूकने पर 200 रुपए, बिना टिकट यात्रा करने पर तय किराए के साथ 50 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। प्रदर्शन, तोड़फोड़, अनधिकृत बिक्री या आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। मेट्रो प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन करने पर ही यात्रा सुगम और सुरक्षित रहेगी। इसलिए सफर से पहले यात्रियों को इन दिशा-निर्देशों को समझना और उनका पालन करना जरूरी है, ताकि भोपाल मेट्रो का अनुभव परेशानी नहीं, सुविधा बने।

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