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MP में पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश अब CUET-PG के बिना नहीं, आवेदन की अंतिम तारीख 14 जनवरी

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Published On: 8 January 2026

MP में अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-PG) अनिवार्य कर दिया गया है। अब कोई विद्यार्थी सीधे आवेदन या मेरिट के आधार पर पीजी में प्रवेश नहीं ले सकेगा। यह निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत, स्नातक डिग्री पास विद्यार्थी केवल अपने मेजर या माइनर विषय में ही पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकेंगे। संबंधित विषय में CUET-PG या विश्वविद्यालय स्तरीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही एडमिशन प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। इससे छात्रों की योग्यता और विषय विशेषज्ञता सुनिश्चित होगी।

सीयूईटी पीजी परीक्षा में आवेदन करने की अंतिम तारीख 14 जनवरी 2026 है, जो रात 11:50 बजे समाप्त हो जाएगी। विद्यार्थियों के पास आवेदन करने के लिए केवल एक सप्ताह का समय शेष है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसके अतिरिक्त, आवेदन में संशोधन की सुविधा 18 जनवरी से 20 जनवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

ऑनलाइन आवेदन और जानकारी

उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पत्र के आधार पर सभी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इच्छुक विद्यार्थी https://exams.nta.nic.in/cuet-pg/ या https://www.nta.ac.in/ वेबसाइट पर जाकर परीक्षा और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

सुपरविजन और परीक्षा की तैयारी

CUET-PG के तहत सभी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए एक समान मानक लागू होगा। यह कदम छात्रों को समान अवसर और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। विभाग का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली के अनुरूप बनाना और स्नातकोत्तर छात्रों की योग्यता सुनिश्चित करना है। उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन करें और आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी रखें। साथ ही परीक्षा की तैयारी के लिए आधिकारिक मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट का उपयोग करें। इस परीक्षा को उत्तीर्ण किए बिना पीजी में प्रवेश नहीं मिलेगा, इसलिए छात्रों को इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

प्रभाव और महत्व

CUET-PG को अनिवार्य करने से विद्यार्थियों की विषय विशेषज्ञता बढ़ेगी और प्रवेश प्रक्रिया में समानता आएगी। यह बदलाव विशेष रूप से उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा की प्रतिस्पर्धा में शामिल होना चाहते हैं। इस व्यवस्था से भविष्य में शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित बनने की उम्मीद है।

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