भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। प्रारंभिक सर्वे, दावे-आपत्तियों की सुनवाई और रिकॉर्ड सत्यापन के बाद मतदाता सूची से 3 लाख 80 हजार से अधिक नाम हटाए गए हैं। प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की गई है और अंतिम सूची शनिवार को जारी की जाएगी।
विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गोविंदपुरा में सबसे अधिक करीब 81 हजार नाम सूची से हटाए गए हैं। वहीं नरेला विधानसभा क्षेत्र में यह संख्या 70 हजार के पार पहुंच गई है। अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में नामों का विलोपन हुआ है, जिससे शहर की कुल मतदाता संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के बाद प्रकाशन
फाइनल मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित होगी। इससे पहले 23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई थी। इसके बाद 22 जनवरी तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) अपने-अपने केंद्रों पर बैठकर फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से नए आवेदन और आपत्तियां स्वीकार करते रहे।
‘नो मैपिंग’ श्रेणी के मतदाताओं की जांच
एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखा गया, उन्हें नोटिस जारी कर 50 दिन के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। 14 फरवरी तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई। रिकॉर्ड सत्यापन के बाद जिन मामलों में जानकारी अधूरी या गलत पाई गई, उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में भोपाल में कुल मतदाता संख्या 21 लाख 25 हजार 908 थी। संशोधित सूची के अनुसार अब यह घटकर 17 लाख 45 हजार 453 रह गई है। यानी कुल 3 लाख 80 हजार 455 मतदाता सूची से कम हो गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे सूची अधिक सटीक और अद्यतन हो सकेगी।
उम्रवार आंकड़े भी होंगे जारी
शनिवार को जारी होने वाली अंतिम सूची में उम्र के आधार पर भी आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इसमें 100 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले मतदाताओं की संख्या भी सामने आएगी। जानकारी के अनुसार ऐसे करीब 125 मतदाता शहर में दर्ज हैं।
