MP की राजनीति में 11 जनवरी का दिन खास रहने वाला है। एक तरफ इंदौर में कांग्रेस दूषित जलकांड को लेकर सड़कों पर उतरेगी, तो दूसरी तरफ राजधानी भोपाल में सरकार किसानों को केंद्र में रखकर बड़े आयोजन की तैयारी कर चुकी है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगा, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष विकास और कल्याण का संदेश देने की कोशिश करेगा।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुए दूषित जलकांड को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 11 जनवरी को कांग्रेस यहां ‘न्याय यात्रा’ निकालेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस यात्रा के जरिए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा। कांग्रेस इस मुद्दे को जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने की तैयारी में है।
MP में किसानों के नाम बड़ा दिन
उधर, भोपाल में उसी दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषि कल्याण वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत करेंगे। सरकार ने पूरे साल को किसानों के नाम समर्पित करने का फैसला किया है। इसके तहत राजधानी में बड़े स्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से किसान शामिल होंगे। भोपाल के कोकता क्षेत्र स्थित आरटीओ ऑफिस के पास 1101 ट्रैक्टरों की विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। अलग-अलग जिलों से किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ यहां जुटेंगे। इस रैली को मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। आयोजन को किसान शक्ति और कृषि के महत्व के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।
जंबूरी मैदान में किसान सम्मेलन
कृषि कल्याण वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर जंबूरी मैदान में विशाल किसान सम्मेलन होगा। इस मंच से सरकार अपनी कृषि नीति, योजनाओं और भविष्य की रणनीति को साझा करेगी। सम्मेलन में खेती, पशुपालन, उद्यानिकी और सहकारिता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लंबी रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और खेती को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया है। खेती से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे।
विदेशों तक पहुंचेगा किसान प्रशिक्षण
किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट पर खास जोर रहेगा। किसानों को देश के उन्नत कृषि राज्यों के साथ-साथ इजराइल और ब्राजील जैसे देशों में आधुनिक खेती और तकनीक देखने का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे नई विधियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। माइक्रो इरिगेशन, डिजिटल कृषि और नई तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना है। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा।
