पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह निर्देश राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में दिए, जिसमें जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल संरक्षण, उनके प्रवाह को अविरल बनाए रखने और नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों पर चर्चा की गई।
बैठक में छोटे सिंह, दिनेश जैन, हर्षिका सिंह, अविप्रसाद और दीपक आर्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुल, पुलिया और ब्रिज के सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूरा करने और सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
लंबित प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में मंत्री प्रहलाद पटेल ने विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश दिए, ताकि जनहित से जुड़े मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
आज भोपाल स्थित आवास कार्यालय पर ‘राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति’ की बैठक की अध्यक्षता कर माँ नर्मदा के जल को निर्मल एवं प्रवाह को अविरल बनाए रखने, नर्मदा परिक्रमा पथ के विकास, आश्रय स्थलों पर वृक्षारोपण तथा पुल-पुलिया निर्माण की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही विधानसभा के… pic.twitter.com/Ztq6vcDZHh
— Prahlad Singh Patel ( वृक्ष से जल, जल से जीवन) (@prahladspatel) February 2, 2026
बैठक के दौरान माँ नर्मदा के संरक्षण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा पथ के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार के लिए स्थानीय समुदायों की सहभागिता आवश्यक है। इसके तहत पथ किनारे वृक्षारोपण, साफ-सफाई और पर्यावरणीय जागरूकता अभियान को बढ़ावा दिया जाएगा।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नर्मदा से जुड़े विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को कार्यों की समय-सीमा तय करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता और श्रद्धालुओं को मिले, इसके लिए निरंतर निगरानी जरूरी है।
मंत्री प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ पर सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। वृक्षारोपण, संरचनात्मक विकास और जनभागीदारी को ध्यान में रखते हुए नर्मदा के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
