, ,

मध्यप्रदेश में कुपोषण पर घमासान! सिंघार-कमलनाथ का सरकार पर तीखा वार, पूछा- बच्चों का पोषण निगल गई कौन सी व्यवस्था?

Author Picture
Published On: 5 July 2025

भोपाल | मध्यप्रदेश में बच्चों में बढ़ते कुपोषण को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण ट्रैकर एप पर सामने आए आंकड़ों ने प्रदेश की शिवराज सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने सरकार को जमकर घेरा है और पूछा है- 4895 करोड़ रुपये का पोषण बजट आखिर गया कहां?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट कर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। सिंघार ने यहां तक कह दिया, “भाजपा सरकार बच्चों का आहार खा गई है, ये आंकड़े नहीं… मासूमों की चीखें हैं।”

45 जिलों में रेड अलर्ट

पोषण ट्रैकर के मुताबिक, प्रदेश के 45 जिले रेड ज़ोन में हैं यानी यहां 20% से ज्यादा बच्चे कम वजन के हैं। भोपाल में 27%, इंदौर में 45%, उज्जैन में 46% और चंबल अंचल में 35% बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं। सिंघार बोले, “प्रदेश की 97,000 आंगनवाड़ियों में से 38% में गंभीर कुपोषण के केस हैं। सरकार का पोषण बजट केवल कागजों तक सीमित है। क्या यही है शिवराज सरकार का सुशासन?”

कमलनाथ की जांच की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “4895 करोड़ का बजट और फिर भी 38% बच्चे कुपोषित? ये लापरवाही नहीं, संभावित भ्रष्टाचार है।” कमलनाथ ने सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने और बच्चों के लिए पोषण आहार सुनिश्चित करने की मांग की है।

आंकड़े

  • भोपाल: 27%
  • इंदौर: 45%
  • उज्जैन: 46%
  • ग्वालियर-चंबल: लगभग 35%
  • आंगनवाड़ियों में 38% बच्चे कुपोषित

सरकार की ओर से फिलहाल कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन विपक्ष का हमला तीखा है और सवाल सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से किए जा रहे हैं।

  • क्या बच्चों का पोषण बजट कागजों में ही खर्च हो गया?
  • रेड ज़ोन में पहुंचे 45 जिले-कौन जिम्मेदार?
  • 4895 करोड़ का बजट कहां और कैसे खर्च हुआ?
Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp