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भोपाल में SIR डिजिटाइजेशन पूरा, नहीं मिला 2.28 लाख वोटरों का रिकॉर्ड

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Published On: 8 December 2025

भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर सूची को डिजिटल रूप देने का काम पूरा कर लिया गया है। सात विधानसभा क्षेत्रों में फैले 21 लाख 25 हजार से ज्यादा फॉर्म को ऑनलाइन रिकॉर्ड में बदला गया है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा तथ्य सामने आया, जिसमें 2 लाख 28 हजार 387 मतदाताओं का रिकॉर्ड 2003 की वोटर लिस्ट से मैच ही नहीं हुआ। कुल डेटा का लगभग 10.7 प्रतिशत ‘नो मेपिंग’ श्रेणी में चला गया है।

जिला प्रशासन अब इन मिसिंग रिकॉर्ड वाले मतदाताओं को खोजने में जुटेगा। अधिकारियों के मुताबिक, अगले एक महीने तक पुरानी फाइलों और दस्तावेज़ों के आधार पर डेटा मिलान किया जाएगा। अगर किसी वोटर का रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो उन्हें मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

नरेला विधानसभा में सबसे ज्यादा नो मेपिंग

सातों विधानसभाओं में नरेला सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बनकर उभरा है। यहां 55,384 वोटरों का डेटा पुरानी लिस्ट से मेल नहीं खाया, जो कुल मतदाताओं का 15.61 प्रतिशत है।
इसके उलट बैरसिया में यह आंकड़ा सिर्फ 3,419 रहा, जो मात्र 1.35 प्रतिशत है।

  • भोपाल उत्तर: 26,965
  • भोपाल दक्षिण-पश्चिम: 32,818
  • भोपाल मध्य: 27,890
  • गोविंदपुरा: 47,264
  • हुजूर: 34,647

4 नवंबर से शुरू हुआ था अभियान

एसआईआर प्रक्रिया 4 नवंबर को शुरू हुई थी, जो 9 दिसंबर तक जारी रहनी है। शुरुआत में गति धीमी रही, लेकिन 19 नवंबर के बाद काम तेजी से बढ़ा। सबसे पहले बैरसिया ने अपना लक्ष्य पूरा किया, उसके बाद हुजूर, उत्तर और मध्य की टीमों ने भी काम निपटाया। रविवार को बाकी क्षेत्रों ने भी 100% डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया। मतदाता सूची सुधार अभियान के दौरान लापरवाही पर जिला प्रशासन ने अब तक एक दर्जन से ज्यादा बीएलओ पर कार्रवाई की है। वहीं दूसरी ओर, जो टीमें समय पर काम पूरा कर चुकी हैं, उन्हें सम्मानित किया जा रहा है।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने रविवार को कई बीएलओ को सम्मान देकर प्रोत्साहित किया। दो दिन पहले बैरसिया विधानसभा में रिकॉर्ड समय पर लक्ष्य हासिल करने वाली टीम को बड़ा तालाब में शिकारा नाव की विशेष सैर भी करवाई गई थी।

आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण

प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उन 2 लाख से ज्यादा मतदाताओं का रिकॉर्ड खोजना है, जिनकी पहचान पुरानी सूची से मेल नहीं खा रही। आने वाले हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि इन वोटरों को सूची में रखना है या हटाना पड़ेगा।

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