राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब किनारे अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बीते तीन दिनों में राजस्व विभाग की टीम ने खानूगांव में 3, कोहेफिजा में 35 और हलालपुरा क्षेत्र में 7 कच्चे-पक्के निर्माण चिन्हित कर उन पर लाल निशान लगा दिए हैं। शुक्रवार को टीटी नगर एसडीएम कार्यालय की टीम ने तालाब के कैचमेंट एरिया में विस्तृत सर्वे किया, जिसमें और भी निर्माण सामने आए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही होली के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा में सभी चिन्हित निर्माणों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तालाब के संरक्षण में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
बड़ा तालाब किनारे अवैध निर्माणों पर सख्ती
बैरागढ़ वृत्त की टीम ने शुक्रवार को खानूगांव पहुंचकर निरीक्षण किया। बड़ा तालाब के किनारे बने कई मकानों और संरचनाओं को चिह्नित किया गया। प्रशासन की मौजूदगी से क्षेत्र में हलचल मच गई और कई कब्जाधारी मौके पर एकत्र हो गए। इससे पहले वीआईपी रोड, करबला और लालघाटी इलाकों में भी अवैध निर्माणों की पहचान की जा चुकी है।
संयुक्त टीम ने शुरू किया अभियान
टीटी नगर की टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में है। राजस्व, वन, पुलिस विभाग और इप्को की संयुक्त टीम ने सर्वे अभियान शुरू कर दिया है। भदभदा क्षेत्र में पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और अब अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि तालाब की जलग्रहण सीमा में किसी भी प्रकार का नया या पुराना अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई अधूरी
पिछले दस वर्षों में बड़ा तालाब का तीन बार सर्वे हो चुका है। हर बार बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आए, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी वजह से बैरागढ़, खानूगांव, सूरज नगर, गौरागांव और बिसनखेड़ी जैसे क्षेत्रों में कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, स्कूल-कॉलेज और मकानों की सीमाएं तालाब तक पहुंच गईं। इस बार प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी।
