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उमंग सिंघार का मोहन सरकार पर बड़ा हमला, कांग्रेस कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर भी बवाल

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Published On: 22 November 2025

MP की राजनीति उस समय गर्मा गई जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट तैयारियों और कांग्रेस कार्यकर्ता मनजीत घोषी की गिरफ्तारी को लेकर मोहन सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से बजट के सुझाव तो मांग रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले बजट का पैसा आखिर गया कहां? सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाएं साल दर साल सिर्फ प्रेस नोट्स और घोषणाओं में दिखाई देती हैं, लेकिन ज़मीन पर ना बजट दिखता है और ना ही काम। उनका कहना था कि किसानों, दलितों, आदिवासियों, युवाओं और ओबीसी समुदाय के लिए न तो ठोस फंडिंग की गई और न ही नीतियों में कोई स्पष्ट दिशा दिखती है।

नेता प्रतिपक्ष ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार की “प्राथमिकताएं” अब बदल चुकी हैं, जहां असली जरूरत सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों और बिजली ढांचे को मजबूत करने की है, वहीं सरकार का खर्च हेलीकॉप्टर, चार्टर प्लेन, लक्ज़री गाड़ियों और बड़े बंगलों पर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बार भी जनता के लिए झूठा बजट तैयार हो रहा है?

लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

इसी बीच उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता मनजीत घोषी को दिल्ली-राजस्थान पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश से उठाए जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। सिंघार ने कहा कि SIR से जुड़े सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि जनता का हक है। उन्होंने पूछा कि क्या सच बोलना अब भड़काऊ बयान माना जाने लगा है?

जनता पहले ही परेशान

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को लेकर जनता पहले ही परेशान है। 2003 की पुरानी सूची पर काम चल रहा है, जबकि उस समय न नए विधानसभा क्षेत्र थे, न परिसीमन पूरा था। कई लोग नाम जुड़वाने की कोशिश में भटक रहे हैं, लेकिन फॉर्म ही उपलब्ध नहीं हैं। सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर आधार कार्ड बनवाया गया, फिर वही आधार मतदाता सूची में क्यों नहीं माना जा रहा? जनता ये सवाल पूछेगी तो क्या उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा?

उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी मनजीत घोषी के साथ खड़ी है और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। अंत में उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की लड़ाई” अब और मज़बूती से लड़ी जाएगी। कांग्रेस बजट के झूठ और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के दमन दोनों मुद्दों पर मैदान में उतर चुकी है।

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