रीवा में विंध्य क्षेत्र के लिए आज का दिन साधारण नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंच रहे हैं और उनका यह दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रम भर नहीं माना जा रहा। खेती, गौ-संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर यह यात्रा बड़ी लकीर खींचने वाली है। प्रशासन से लेकर किसानों तक, हर किसी की नजर बसामन मामा गौ-अभ्यारण्य पर टिकी हुई है।
दोपहर करीब 3 बजे अमित शाह बसामन मामा गौ-अभ्यारण्य पहुंचेंगे। 52 एकड़ में फैले इस परिसर में इस वक्त 9 हजार से ज्यादा गायें हैं। यहीं उन्होंने प्राकृतिक खेती के उस मॉडल को देखने का कार्यक्रम तय किया है, जिसकी चर्चा अब विंध्य से निकलकर प्रदेश और देश तक पहुंचने लगी है। इसी परिसर में एक बड़े किसान सम्मेलन का आयोजन भी किया गया है।
प्राकृतिक खेती का शुभारंभ
इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ है। यहां रासायनिक खाद और कीटनाशकों से पूरी तरह दूरी बना ली गई है। खेती में गोबर, गोमूत्र, बेसन, गुड़ और देसी औषधियों से तैयार घोल का इस्तेमाल हो रहा है। गेहूं, कोदो, मक्का और औषधीय पौधों की खेती के जीवंत उदाहरण मौके पर मौजूद रहेंगे। अग्निहोत्र खेती के प्रयोग भी आकर्षण का केंद्र हैं।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah की गरिमामयी उपस्थिति में
प्राकृतिक खेती मॉडल का लोकार्पण एवं किसान-सहकारिता सम्मेलन
🗓️: 25 दिसंबर, 2025
📍: बसामन मामा गोअभ्यारणय, रीवा@CMMadhyaPradesh @DrMohanYadav51 @Lakhan_BJP @JansamparkMP @RewaCollector pic.twitter.com/9ZiBR5maLN
— Animal Husbandry Department, MP (@mp_husbandry) December 22, 2025
बसामन मामा गौ-अभ्यारण्य अब सिर्फ आश्रय स्थल नहीं रहा। यहां गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, गो-काष्ठ और गोनाइल जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सौ से ज्यादा कर्मचारी यहां लगातार काम कर रहे हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
किसान छोड़ चुके हैं केमिकल
इस अभ्यारण्य से प्रेरणा लेकर आसपास के 50 गांवों के करीब 5 हजार किसान प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ चुके हैं। ‘एक एकड़–एक मौसम’ के सिद्धांत पर काम करते हुए अब ये किसान रासायनिक इनपुट से दूरी बना रहे हैं। नतीजा यह है कि अनाज ज्यादा पौष्टिक हो रहा है और जमीन की सेहत में भी साफ सुधार दिख रहा है। इस पूरे आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की मौजूदगी भी तय है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम विंध्य की राजनीति में नई दिशा देगा। खेती और गौ-संरक्षण के नाम पर रीवा से जो संदेश जाएगा, वह आने वाले समय में बड़े फैसलों की नींव बन सकता है।
