MP की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब PCC अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद को “वनवास” में बताया। इंदौर दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक बातचीत में कही गई यह बात देखते ही देखते सियासी बहस का केंद्र बन गई। बयान को कांग्रेस की पीड़ा से जोड़कर देखा गया, तो भाजपा ने इसे सत्ता छिनने की हताशा करार दिया। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पटवारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को सत्ता से बाहर रहना वनवास जैसा लगता है। मिश्रा का कहना था कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सत्ता के करीब पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत कुछ और निकली। इसी हताशा का नतीजा वनवास जैसे शब्दों में दिख रहा है।
मिश्रा यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व ने अपने ही दिग्गज नेताओं को किनारे कर दिया है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असल वनवास तो इन्हें दिया गया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के भीतर असंतोष इतना गहरा है कि कई वरिष्ठ नेता चुपचाप भाजपा के पक्ष में माहौल बना रहे हैं।
नर्मदा परिक्रमा वाला सियासी तंज
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए नर्मदा परिक्रमा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस को जनता के बीच जाना पड़ता है, तो वह उसे वनवास लगने लगता है। व्यंग्य में यह भी जोड़ दिया कि कहीं ऐसा न हो कि पूरी कांग्रेस को ही नर्मदा परिक्रमा पर निकलना पड़े। सियासी बहस को और हवा तब मिली, जब दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर RSS और BJP के संगठनात्मक ढांचे की तारीफ कर दी। उन्होंने एक पुरानी तस्वीर साझा कर संगठन की ताकत को रेखांकित किया। इस पोस्ट ने कांग्रेस के भीतर असहजता बढ़ा दी और विरोध के स्वर तेज हो गए।
कांग्रेस के भीतर खुला विरोध
दिग्विजय के बयान पर कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक नाराजगी जताई। पूर्व राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि चतुर्वेदी ने कड़ा ऐतराज उठाया। उन्होंने कहा कि इस बयान से पार्टी की वैचारिक लड़ाई कमजोर हुई और जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा है। उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तक कर डाली। दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय खुलकर दिग्विजय सिंह के समर्थन में आ गए। उन्होंने इसे सच कहने का साहस बताया और कहा कि यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। इस समर्थन ने कांग्रेस की अंदरूनी बेचैनी को और उजागर कर दिया।
