,

मोबाइल पर आए तीन मैसेज, खाते से उड़ने वाले थे 5 लाख; ग्वालियर में बिना देर किए बैंक पहुंचे पीड़ित

Author Picture
Published On: 2 January 2026

ग्वालियर के मुरार इलाके में रहने वाले रिटायर्ड कोल इंडिया कर्मचारी रमेश सिंह भदौरिया के लिए दो दिन पहले की सुबह किसी झटके से कम नहीं थी। उनके मोबाइल पर एक के बाद एक तीन मैसेज आए, जिनमें बैंक खाते से लाखों रुपए निकलने की जानकारी थी। मैसेज देखते ही उनके होश उड़ गए, क्योंकि उन्होंने खुद कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया था। मैसेज में दिख रहा था कि उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से कुल पांच लाख रुपए निकालने की कोशिश की जा रही है। हैरानी की बात यह थी कि न तो उनके पास कोई ओटीपी आया था और न ही उन्होंने किसी अनजान लिंक या कॉल का जवाब दिया था। इसके बावजूद खाते से पैसे निकलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रमेश भदौरिया तुरंत नजदीकी एसबीआई शाखा पहुंचे। उन्होंने बैंक अधिकारियों को पूरी जानकारी दी और तत्काल अपना अकाउंट ब्लॉक करवाया। बैंक की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई ने बड़े नुकसान को टाल दिया।

ग्वालियर: दो लाख की रकम समय रहते रोकी गई

अकाउंट ब्लॉक होते ही लगभग दो लाख रुपए का ट्रांजैक्शन बीच में ही रुक गया। इससे पहले कुछ राशि ट्रांसफर हो चुकी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि पैसे पंजाब के लुधियाना स्थित एक एसबीआई खाते में भेजे गए थे, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो किसी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड किया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया। पुलिस भी इस बात को गंभीरता से ले रही है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह मामला कार्ड क्लोनिंग से जुड़ा हो सकता है, जिसमें बैंक कार्ड की जानकारी चोरी कर ट्रांजैक्शन किया जाता है।

1930 पर शिकायत

बैंक से लौटने के बाद रमेश भदौरिया ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही ई-जीरो प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज कराई गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उसकी जांच के लिए टीम को लुधियाना भेजने की तैयारी की जा रही है। उस खाते के धारक, लेन-देन का इतिहास और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जाएगी।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp