ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर की शांत Ramdas घाटी हाल ही में एक भयावह वारदात की गवाह बनी, जब एक स्कूल वैन ड्राइवर और ड्यूटी से लौट रहे हवलदार अरविंद राजावत को बीच सड़क पर बेरहमी से पीटा गया। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों अंकुश, जयंत, सचिन और अमन को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी खुद को ‘टॉक्सन गैंग’ के सदस्य बताते हैं, जो कि उन्होंने खुद ही बनाई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा (.315 बोर), एक तलवार और लोहे की रॉड बरामद की है। घटना के बाद से इलाके में डर का माहौल था, लेकिन पुलिस ने पांच दिनों की कड़ी मेहनत के बाद चार आरोपियों को पकड़कर राहत दी है। फिलहाल, दो आरोपी प्रिंस और हैरी फरार हैं और उनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
25 जुलाई की सुबह हवलदार अरविंद राजावत अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने के बाद लौट रहे थे। रास्ते में रामदास घाटी पर उन्होंने देखा कि एक ईको वैन सड़क के बीचोबीच खड़ी है। वैन में स्कूली बच्चे मौजूद थे। उन्होंने ड्राइवर से कारण पूछा तो उसने बताया कि पास खड़े युवक कल्लू उर्फ जयेन्द्र ने गाड़ी की चाबी निकाल ली है।
राजावत ने बाइक रोकी, खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कल्लू से चाबी लौटाने को कहा। इस पर कल्लू ने राजावत की बाइक की चाबी निकाल ली और भाग गया। कुछ ही देर में वह अपने साथियों – अंकुश, अमन, सचिन, हैरी और प्रिंस – के साथ लौटा। सभी हथियारों से लैस थे।
सड़क पर ही की पिटाई
गैंग के सदस्यों ने पहले वैन ड्राइवर को वैन से खींचकर पीटना शुरू किया। जब हवलदार ने रोकने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला कर दिया गया। तलवार से एक वार उनके बाएं कान पर पड़ा, जिससे उनका कान कट गया। इसके बाद सरियों से उन्हें बुरी तरह पीटा गया। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई थी, जिसकी मदद से पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति तोमर के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार रात पार्क में बैठे चार आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। दो फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस इस केस को संगठित अपराध के रूप में देख रही है और गैंग के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
