ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर के भंवरपुरा गांव में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के पास बने तालाब में भैंस को निकालने के प्रयास में उतरे 45 वर्षीय चरवाहे की डूबने से मौत हो गई। अंधेरे के कारण रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो सका, और बुधवार सुबह लगभग 15 घंटे बाद उसका शव बरामद हुआ।
हुई पहचान
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कोक सिंह गुर्जर निवासी डाडा खिरक भंवरपुरा के रूप में हुई है। मंगलवार शाम वह अपने मवेशियों को चराकर लौट रहा था, तभी उसकी एक भैंस तालाब में उतर गई। पहले उसने आवाज देकर भैंस को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन जब भैंस नहीं निकली तो वह खुद तालाब में उतर गया। बरसात के कारण तालाब का जलस्तर काफी बढ़ गया था और पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने से कोक सिंह गहरे पानी में चला गया। कुछ ही पलों में वह डूबने लगा और बाहर नहीं निकल सका। उसके साथ मौजूद अन्य चरवाहों ने शोर मचाकर गांववालों को बुलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
तालाब से निकाला गया शव
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, अंधेरा बढ़ने के कारण अभियान बीच में रोकना पड़ा। इस दौरान पूरा गांव तालाब किनारे बैठा रहा, इस उम्मीद में कि कोक सिंह को जीवित निकाला जा सकेगा। बुधवार सुबह जैसे ही रोशनी हुई, एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब आधे घंटे की तलाश के बाद कोक सिंह का शव तालाब से निकाल लिया गया। इसके बाद, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
टीआई ने दी ये जानकारी
भंवरपुरा थाना प्रभारी आलोक सिंह तोमर ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवा लिया गया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह एक हादसा है और इसमें किसी तरह की आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
गांव में इस घटना से मातम पसरा हुआ है। लोग कोक सिंह को एक मेहनती और मददगार व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, वह हमेशा मवेशियों की देखभाल में आगे रहता था और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देता था, लेकिन इस बार अपने पशु को बचाते-बचाते खुद अपनी जान गंवा बैठा।
