ग्वालियर में कड़ाके की ठंड अब केवल असहज नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो रही है। जयारोग्य अस्पताल समूह (JAH) के आंकड़ों के अनुसार बीते 15 दिनों में हार्ट अटैक के 308 और ब्रेन स्ट्रोक के 123 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें से 12 दिनों के भीतर 23 मरीजों की मौत हो चुकी है। कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट ने लोगों को सर्दी में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बीते दिनों मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण जेएएच में बेड की गंभीर कमी हो गई है। कई मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि संसाधनों की कमी और मरीजों का लगातार बढ़ता दबाव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्वालियर में सर्दी बनी जानलेवा
इस साल हार्ट अटैक के मामलों में एक चिंताजनक बदलाव देखने को मिला है। अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीज 30 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई मरीजों में एक से अधिक ब्लॉकेज पाए जा रहे हैं, जिससे जटिलता और बढ़ गई है। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ने की मुख्य वजह डायबिटीज के साथ-साथ धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन है। सर्दी के मौसम में यह आदतें और अधिक घातक साबित हो रही हैं।
इन्हें न करें नजरअंदाज
कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव कवि साय ने चेताया कि दांत, छाती और पेट में असामान्य दर्द को हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है। हाल के दिनों में 21 साल तक के युवाओं में भी कार्डियक अरेस्ट के गंभीर मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि दर्द महसूस होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राम रावत ने बताया कि इस मौसम में सुबह जल्दी टहलना हार्ट पेशेंट्स के लिए खतरनाक हो सकता है। अत्यधिक ठंड में अचानक बाहर निकलना दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि विशेषकर कमजोर दिल वाले मरीज घर के अंदर सुरक्षित रहे और आवश्यकतानुसार ही बाहर निकलें।
सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के मौसम में खान-पान, नियमित चेकअप और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखना, नियमित दवा लेना और छोटे लक्षणों को नजरअंदाज न करना ही जान बचाने का सबसे बड़ा तरीका है।
