ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर बढ़ते विवाद के बीच शहर में तनाव गहराने लगा है। 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और परशुराम सेना द्वारा संभावित प्रदर्शन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन धारा 144 (पूर्व में 163) लागू कर दी है। अब शहर में बिना अनुमति कोई धरना, जुलूस या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
शनिवार सुबह पुलिस लाइन में मॉकड्रिल आयोजित कर पुलिसकर्मियों को उपद्रव नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और भीड़ नियंत्रण के सिमुलेशन दिखाए गए।
एक साल से जारी विवाद की पृष्ठभूमि
हाईकोर्ट परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का मामला मई 2025 से चल रहा है। वकीलों के दो गुटों में इस मुद्दे पर तीखा मतभेद है। एक पक्ष प्रतिमा स्थापना का समर्थक है, जबकि दूसरा इसके खिलाफ है।
बीते दिनों यह विवाद तब और भड़क गया जब बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर डॉ. अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए वीडियो पोस्ट किया। इसके बाद ग्वालियर और ठाणे में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
मामले ने राजनीतिक रंग लेते हुए आंदोलन की घोषणा तक पहुंच बना ली है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक ने 15 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसे परशुराम सेना का समर्थन भी मिला है।
पुलिस की तैयारियां
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी ने शहर के व्यापारी संगठनों, वरिष्ठ वकीलों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने सभी से त्योहारों के मौसम में शांति बनाए रखने की अपील की।
हालांकि, बैठक में न तो अनिल मिश्रा पहुंचे और न ही बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक।
वरिष्ठ वकील अरविंद दूदावत ने बैठक में कहा कि “2018 जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रशासन को सख्ती दिखानी चाहिए।” वहीं, अन्य नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने भी सोशल मीडिया पर नजर रखने और बाहरी तत्वों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की।
पुलिस की मॉकड्रिल
पुलिस लाइन में हुई मॉकड्रिल में नकली उपद्रवियों ने पथराव और आगजनी की, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को खदेड़ा। करीब एक घंटे चले इस अभ्यास में पुलिसकर्मियों ने घायल साथियों को सुरक्षित निकालने और एंबुलेंस सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया।
प्रतिमा फिलहाल सुरक्षित
प्रतिमा को शहर से 15 किलोमीटर दूर मूर्तिकार प्रभात राय की वर्कशॉप में रखा गया है, जहां उसकी सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात हैं। बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने उस स्थल पर तिरंगा फहराकर “ऑपरेशन सिंदूर” के प्रतीक के रूप में इसे अपनी जीत बताया था।
वहीं प्रशासन का कहना है कि शहर की शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
