ग्वालियर | मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक वरिष्ठ वकील तकनीक के जाल में ऐसा उलझे कि महज एक कॉल ने उनके बैंक खाते से ₹98,000 उड़ा दिए। घटना इंदिरा नगर निवासी 64 वर्षीय एडवोकेट रामविलास शर्मा के साथ हुई, जिन्होंने गूगल पर एलजी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजा था। लेकिन जो नंबर उन्हें मिला, वह असल में किसी साइबर ठग का था, जिसने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर उनसे संपर्क साधा।
28 जुलाई की रात करीब 8:15 बजे, रामविलास शर्मा ने एक इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट में आ रही तकनीकी समस्या को लेकर दुकानदार से संपर्क किया। दुकानदार ने उन्हें कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करने की सलाह दी। इसके बाद, शर्मा ने गूगल पर सर्च कर जो नंबर पाया, उसी पर कॉल कर दिया, यहीं से जाल बिछ चुका था।
ऐसे हुआ ठगी
कॉल उठाने वाले व्यक्ति ने बेहद प्रोफेशनल अंदाज़ में खुद को एलजी का प्रतिनिधि बताया और समस्या पूछी। बातों ही बातों में उसने व्हाट्सएप के जरिए एक फॉर्म भेजा, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी भरने को कहा गया। फॉर्म के आखिर में एक लिंक थी, जिसे क्लिक करते ही शर्मा के मोबाइल का रिमोट एक्सेस साइबर अपराधियों के हाथ में चला गया।
कुछ ही मिनटों में उनके एसबीआई अकाउंट से दो बार ट्रांजैक्शन हुआ और कुल ₹98,000 निकाल लिए गए। ठगी का एहसास होते ही शर्मा ने तुरंत बैंक हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रकम निकल चुकी थी और ठग मोबाइल से गायब।
मामला दर्ज
शर्मा ने थाटीपुर थाने में अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंपी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस नंबर पर एडवोकेट ने कॉल किया था, वह किसी तीसरे पक्ष द्वारा गूगल पर फर्जी तरीके से प्रमोट किया गया था।
यह मामला एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी देता है कि गूगल पर दिखने वाले हर कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही हेल्पलाइन जानकारी लें और किसी भी लिंक या फॉर्म पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
