ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खराब वॉशिंग मशीन ठीक कराने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर तलाशना एक बेकरी संचालक को महंगा पड़ गया। खुद को कंपनी का कर्मचारी बताने वाले ठग ने APK फाइल भेजकर उनके बैंक खाते से चार लाख रुपए पार कर लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अशोक कॉलोनी निवासी सतीश कुमार माहौर बेकरी का संचालन करते हैं। करीब एक महीने पहले खरीदी गई उनकी नई वॉशिंग मशीन अचानक खराब हो गई। इसे ठीक कराने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। सर्च के दौरान उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का अधिकृत कर्मचारी बताया और मदद का भरोसा दिलाया।
ग्वालियर में फर्जी कस्टमर केयर
बातचीत के बाद ठग ने “रिपेयर ई-सर्विस” नाम से एक APK फाइल का लिंक भेजा और उसे डाउनलोड करने को कहा। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल कुछ मिनट के लिए हैंग हो गया और फिर बंद हो गया। मोबाइल दोबारा चालू होने पर ठग ने एक रुपए का ट्रांजेक्शन करने को कहा, जिसे तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया। सतीश ने निर्देशानुसार ट्रांजेक्शन कर दिया।
दो दिन में खाते से निकले चार लाख रुपए
इसके बाद अगले दो दिनों में उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से कुल चार लाख रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए। गुरुवार को जब उन्होंने मोबाइल मैसेज चेक किए, तब उन्हें रकम निकलने की जानकारी हुई। ठगी का अहसास होते ही वे साइबर सेल और मुरार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की पड़ताल
पुलिस के मुताबिक, जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई है, उसकी डिटेल जुटाई जा रही है। संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञ तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें। कस्टमर केयर नंबर केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोत से ही लें। साथ ही बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
