डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को लेकर उपजे विवाद के बाद ग्वालियर शहर में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। फिलहाल, स्थिति शांत है और बाजारों में रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। दुकाने खुल चुकी हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने 17 शहरी और 19 ग्रामीण नाकाबंदी प्वाइंट्स बनाए हैं, जहां करीब चार हजार जवान तैनात हैं। सभी पुलिसकर्मी हथियारों से लैस हैं और हर आने-जाने वाले वाहन की सघन जांच कर रहे हैं। होटल, धर्मशाला और आश्रय स्थलों पर भी पुलिस की टीमें लगातार जांच कर रही हैं, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश न कर सके।
सोशल मीडिया पर नजर
इस बीच सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए आईटी सेल, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। अब तक 55 यूजर्स को नोटिस जारी किए गए हैं और 500 से ज्यादा भड़काऊ पोस्ट हटवाई गई हैं। कई अकाउंट्स को डी-एक्टिवेट करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति समाज में वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार देर रात पुलिस ने विवाद से जुड़े दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, नामों का खुलासा नहीं किया गया। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल जरूर हुई हैं, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। पुलिस अफसरों ने दावा किया कि शहर में कहीं भी हिंसा या उपद्रव जैसी स्थिति नहीं है।
कार्रवाई तेज
इस दौरान पुलिस ने सड़कों पर अवैध हथियार लेकर घूमने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले दो दिनों में पांच लोगों को हथियारों के साथ पकड़ा गया है। मंगलवार को थाटीपुर इलाके में एक स्कॉर्पियो से लाइसेंसी राइफल बरामद की गई, जिसके गलत उपयोग की आशंका पर मामला दर्ज हुआ है।
बनी हुई है शांति
कलेक्टर रुचिका चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा, “ग्वालियर पूरी तरह अलर्ट है। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ सामग्री साझा न करे। शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।” प्रशासन की कड़ी निगरानी और पुलिस की सतर्कता के बीच ग्वालियर में शांति बनी हुई है। माहौल में हल्का तनाव अब भी महसूस किया जा सकता है।
