ग्वालियर जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘शक्ति दीदी’ पहल लगातार मजबूती पकड़ रही है। इस योजना के तहत अब तक 95 जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है। शनिवार, 28 फरवरी को छह और महिलाओं को फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई। जिले में यह पहल महिला सशक्तिकरण का एक व्यावहारिक मॉडल बनकर उभर रही है।
यह पहल जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शुरू की गई थी। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने इसे जिले में लागू किया। ऐसी महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठा रही हैं। पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलीवरी जैसे काम में महिलाओं की भागीदारी से समाज में सकारात्मक संदेश भी जा रहा है।
ग्वालियर में ‘शक्ति दीदी’
शनिवार दोपहर डबरा रेस्ट हाउस के पास स्थित गुप्ता पेट्रोल पंप पर आरती जाटव को शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी क्रम में कलेक्टर कार्यालय के सामने संस्कृति फिलिंग स्टेशन पर कशिश जाटव, जैन मोटर्स कम्पू पर हेमलता और कंचन, तथा रायरू स्थित कैष्ठान उपाध्याय फिलिंग स्टेशन पर लीला देवी को फ्यूल डिलीवरी वर्कर के रूप में नियुक्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इन महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम
इस पहल का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। कई महिलाओं ने अपनी आय से बैंक ऋण चुकाने, बच्चों की फीस भरने और घर की जरूरतें पूरी करने में मदद पाई है। नियमित आय से उनके आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में और महिलाओं को इससे जोड़ा जाएगा।
समाज में बदलती सोच का संकेत
पेट्रोल पंप जैसे पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी समाज में बदलती सोच का संकेत है। ‘शक्ति दीदी’ पहल न केवल रोजगार दे रही है, बल्कि महिलाओं को सम्मानजनक पहचान भी दिला रही है। जिला प्रशासन इसे आगे और विस्तारित करने की तैयारी में है।
