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ग्वालियर हाईकोर्ट में दिखा सुलह का संकेत, 10 साल पहले हुई थी शादी

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Published On: 27 November 2025

बेंगलुरु के दंपती निशांत और अंजली के बीच चल रही कानूनी जंग इन दिनों ग्वालियर हाईकोर्ट में चर्चा का विषय बनी हुई है। दंपती के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में कुल 17 मामले लंबित हैं, जिनमें तलाक, कस्टडी, दहेज और घरेलू हिंसा से जुड़े केस शामिल हैं। हाल ही में हाईकोर्ट ने पिता को बेटे की स्कूल गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। निशांत और अंजली ने दस साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद करीब सात साल तक दोनों साथ रहे और उनका एक बेटा हुआ। हालांकि समय के साथ छोटे-छोटे विवाद बढ़ते गए। अंततः पत्नी अपने बेटे के साथ पति का घर छोड़कर ग्वालियर आ गई। इसके बाद कानूनी लड़ाई शुरू हुई और अलग-अलग अदालतों में कुल 17 मामले दर्ज किए गए।

रिट अपील में पिता की मांग स्वीकार

ग्वालियर हाईकोर्ट में लंबित रिट अपील की सुनवाई के दौरान पति-पत्नी दोनों कोर्ट में मौजूद थे। निशांत ने यह मुद्दा उठाया कि पिता को बच्चे के स्कूल से जुड़ी गतिविधियों जैसे होमवर्क, कार्यक्रम और अन्य सूचनाओं की जानकारी मिलनी चाहिए। कोर्ट ने पिता की इस मांग को स्वीकार करते हुए स्कूल को निर्देश दिया कि वह पिता को भी सूचनाएं उपलब्ध कराए। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे के स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में परामर्श केवल मां से ही लिया जाएगा। इस कदम से पिता को स्कूल से जुड़े रोजमर्रा के कार्यक्रमों की जानकारी मिलेगी, लेकिन बच्चों की देखभाल और संवेदनशील मामलों में निर्णय केवल माता की राय से ही लिए जाएंगे।

सभी मामलों में सुलह की संभावना

कोर्ट में दंपत्ति ने बताया कि वे अब सुलह की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति बना लेते हैं, तो सभी 17 मामले समाप्त हो जाएंगे। अदालत ने दोनों पक्षों को इस दिशा में प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए हैं। दंपत्ति के खिलाफ चल रहे 17 मामलों में कस्टडी, तलाक, दहेज, घरेलू हिंसा निरस्तीकरण, धारा 482, रिट और रिट अपील जैसे मामले शामिल हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों में समझौता होने पर विवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा।

सुलह से जुड़ी उम्मीद

कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि वे अपने मतभेदों को सुलह के जरिए खत्म करें। दंपत्ति ने भी संकेत दिया कि वे शांतिपूर्ण समाधान की ओर बढ़ रहे हैं। इससे बच्चे की भलाई और दोनों पक्षों के बीच विवाद कम होने की उम्मीद है।

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