रुचि ग्लोबल लिमिटेड से जुड़े 188 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अहम कदम उठाते हुए नीता शाहरा की 5.13 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन अटैच कर दी है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह संपत्ति कथित रूप से बैंक से धोखाधड़ी कर हासिल की गई रकम से खरीदी गई थी। कंपनी का नाम अब एग्रोटेड इंटरप्राइजेस लिमिटेड कर दिया गया है।
जांच में सामने आया है कि कंपनी से जुड़े उद्योगपति उमेश शाहरा की पत्नी नीता शाहरा के नाम पर यह संपत्ति दर्ज है। ईडी का आरोप है कि बैंकों से ली गई रकम को वैध कारोबारी गतिविधियों में लगाने के बजाय संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
188 करोड़ बैंक घोटाला
यह मामला सबसे पहले भोपाल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। सीबीआई की प्राथमिक जांच में बैंकिंग नियमों के उल्लंघन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के संकेत मिले थे। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू की और संपत्ति अटैचमेंट की कार्रवाई की।
बैंकों के कंसोर्टियम ने लगाया था आरोप
मामले में बैंकों के एक कंसोर्टियम ने कंपनी पर 188.35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इस कंसोर्टियम की अगुवाई बैंक ऑफ बड़ौदा कर रहा था। आरोप है कि कंपनी ने क्रेडिट सुविधाएं और लेटर ऑफ क्रेडिट हासिल करने के लिए फर्जी और कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए। गलत व्यापारिक लेन-देन दिखाकर ऋण स्वीकृत कराया गया, जिससे बैंकों को भारी नुकसान हुआ।
आगे भी हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक जांच अभी जारी है और आने वाले समय में अन्य संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी अटैच किया जा सकता है। एजेंसियां वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजों और संबंधित खातों की गहन जांच कर रही हैं। यदि आरोप साबित होते हैं तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
