इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर में बारिश के बाद सड़कों पर उभरे गड्ढों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को हुई बारिश के बाद जलजमाव और सड़कों की दुर्दशा से परेशान कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को एक अलग ही अंदाज में विरोध जताया। खजराना चौराहे की सर्विस रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ता गड्ढों में बैठ गए और भजन-कीर्तन शुरू कर दिए।
इस ‘भजन सत्याग्रह’ का नेतृत्व शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन नगर निगम, महापौर और संबंधित अधिकारियों को “सद्बुद्धि” देने के लिए किया गया है। उनका तंज था कि स्वच्छता में देश में पहला स्थान पाने वाले इंदौर की असली तस्वीर इन गड्ढों में छिपी है।
कही ये बात
यादव ने कहा, “शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर कॉलोनियों तक हर जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं। बारिश आते ही करोड़ों की लागत से बनी सड़कें धूल और कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। ड्रेनेज लाइन और नर्मदा प्रोजेक्ट के नाम पर सड़कों की खुदाई होती है, लेकिन उन्हें दोबारा दुरुस्त करना किसी की प्राथमिकता में नहीं है।”
लगाया ये आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध के दौरान गड्ढों में भाजपा के झंडे भी गाड़े, यह दर्शाते हुए कि शहर की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि निगम अफसरों और जनप्रतिनिधियों को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं, वे कुंभकरण की नींद में हैं। यादव ने आरोप लगाया कि हर साल पेचवर्क के नाम पर खानापूर्ति होती है, जो पहली बारिश में ही बह जाती है। उन्होंने कहा कि मोटी चमड़ी वाले अफसर जनता की तकलीफ नहीं सुनते। बैठकें होती हैं, योजनाएं बनती हैं, मगर नतीजा वही ढाक के तीन पात।
दी चेतावनी
न्यायनगर, महालक्ष्मी नगर, नायता मुंडला और पालदा जैसे इलाकों की सड़कों पर भारी गड्ढे हैं। कहीं ड्रेनेज का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, तो कहीं उखड़ी सड़कों से उड़ती धूल लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कें सुधारने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विरोध का दायरा और बड़ा होगा।
