इंदौर के पलासिया क्षेत्र में एक व्यापारी से लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस मामले में ब्रोकरशिप और कपड़े की दुकान में काम करने वाले दो युवकों पर लूट का आरोप है, जबकि दो पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। शुरुआत में मामला थाने तक सीमित रहा और समझौते की कोशिश की गई, लेकिन जब वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली, तो पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
एसीपी तुषार सिंह के अनुसार, यह घटना 7 फरवरी की है। पीड़ित अब्दुल फहद प्रॉपर्टी टैक्स की रकम एटीएम में जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान दो युवक, जिनके साथ दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, उनके पास पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने फहद से जबरन 4 हजार यूएसटीडी ट्रांसफर करवा लिए और करीब 2 लाख रुपये नकद अपने पास रख लिए।
इंदौर पलासिया में व्यापारी से लूट
पीड़ित का कहना है कि वह सबसे पहले पलासिया थाने शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही दो पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए, मामला रफा-दफा करने का प्रयास शुरू हो गया। इसके बाद फहद ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए और एसीपी को मौके पर भेजा गया।
पुलिसकर्मियों की जांच
जांच के बाद पलासिया पुलिस ने नावेद और साहिल के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज की है। वहीं, एमआईजी थाने में पदस्थ सिपाही मनोज और अविनाश की भूमिका की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ित और आरोपी युवकों के बीच पहले से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लेन-देन चल रहा था, जिसकी आड़ में यह वारदात हुई।
पंढरीनाथ थाना प्रभारी लाइन अटैच
इधर, इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में किन्नरों के बीच हुए विवाद के एक अन्य मामले में लापरवाही सामने आने पर थाना प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया गया है। डीसीपी जोन-1 लालकृष्ण चंदानी ने बताया कि टीआई अजय राजोरिया को प्रशासनिक कारणों से पुलिस लाइन भेजा गया है।
डीसीपी के मुताबिक, किन्नर विवाद से जुड़े एक प्रकरण में केस डायरी समय पर कोर्ट में पेश नहीं की गई, जिससे आरोपी को जमानत मिल गई। समीक्षा के दौरान टीआई की भूमिका पर सवाल उठे। यह भी सामने आया कि पूर्व में भी उनके खिलाफ शिकायतों में देरी के आरोप लग चुके हैं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
