इंदौर के हीरानगर इलाके में सामने आया एक वायरल वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर बताने वाला युवक एक पुलिसकर्मी से खुलेआम बहस करता और दबाव बनाता नजर आया। कैमरा ऑन कर भीड़ इकट्ठा करते हुए वह जबरन माफी मंगवाने की कोशिश करता दिखा, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, मामला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया। अफसरों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की। हीरानगर थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल गोरख खेम ने भी पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई।
इंदौर: FIR दर्ज
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान सोनू उर्फ पंकज वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी जल्द की जा सकती है और उससे पूछताछ की तैयारी पूरी है। थाना प्रभारी सुशील पटेल के अनुसार, हेड कांस्टेबल गोरख खेम उस रात डायल 112 से मिले एक पॉइंट पर पहुंचे थे। मौके पर पहले से भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान सोनू वर्मा से धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद उसने खुद को इन्फ्लूएंसर बताते हुए विवाद खड़ा कर दिया। वीडियो बनाते हुए वह कार्रवाई रुकवाने और माफी मंगवाने का दबाव बनाने लगा।
पुलिस सख्त
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर की जा रही कार्रवाई को रोकना या दबाव बनाना गंभीर अपराध है। अफसरों के निर्देश पर गोरख खेम से लिखित आवेदन लिया गया, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की गई। पुलिस का मानना है कि इस तरह की हरकतें कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती हैं। एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने साफ कहा कि पुलिस पर किसी भी तरह का दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया की लोकप्रियता के नाम पर कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति चिंताजनक है और ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।
कुछ दिन पहले पुलिस वर्दी पहनकर वीडियो बनाने वाले नकली गोविंदा का मामला भी सामने आया था। उस प्रकरण में संबंधित युवक को पुलिस कार्यालय बुलाकर सार्वजनिक माफी मंगवाई गई थी। पुलिस अब साफ संकेत दे चुकी है कि वर्दी, कानून और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
