इंदौर में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लंबी और अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में शहर के विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नाइट मार्केट को लेकर भी ठोस फैसले लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक इंदौर की आने वाले वर्षों की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। बैठक में नए रिंग रोड और बायपास को लेकर रणनीति तय की जाएगी। इनके कंट्रोल एरिया, ट्रैफिक मैनेजमेंट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्णय होंगे। इसके अलावा पलासिया क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की जमीन पर रीडेंसीफिकेशन के तहत नए प्रोजेक्ट शुरू करने पर भी चर्चा संभावित है।
बड़ा फैसला संभव
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट बैठक का अहम एजेंडा रहेगा। खास तौर पर एयरपोर्ट से राजवाड़ा तक प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही, मेट्रो की प्रगति, लागत और समयसीमा पर संबंधित विभाग प्रजेंटेशन देंगे। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन को लेकर भी गहन चर्चा होगी। दोनों शहरों को एकीकृत विकास मॉडल से जोड़ने, नई सड़कें, मास्टर प्लान और भविष्य की शहरी जरूरतों पर बैठक में रोडमैप तैयार किया जाएगा।
इकोनॉमिक कॉरिडोर
प्रदेश में शुरू होने जा रही नई नागरिक बस सेवा पर भी निर्णय संभव है। सबसे पहले यह सेवा इंदौर और उज्जैन के बीच शुरू करने का प्रस्ताव है। साथ ही इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर और इंदौर को भविष्य का आईटी हब बनाने की योजनाओं पर भी चर्चा होगी। इंदौर की नाइट लाइफ को लेकर अलग पॉलिसी बनाने और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को और तेज करने के लिए ठोस रणनीति पर फैसला होने की संभावना है।
पर्यावरण पर नजर
बैठक में यातायात सुधार की कार्ययोजना, मास्टर प्लान की सड़कों की प्रगति, सीसीटीवी प्रोजेक्ट, शहरी नदी तट विकास योजना, पौधारोपण और पर्यावरण सुधार जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने पहले ही सभी संबंधित विभागों से विस्तृत जानकारी तलब कर ली है। बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, जिला स्तर के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना-2, स्टार्टअप पार्क, कन्वेंशन सेंटर और हुकुमचंद मिल की जमीन पर हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्ट जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।
