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दूषित पेयजल से 21 मौतों पर कांग्रेस की न्याय यात्रा, इंदौर में उमड़ा जनसैलाब

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Published On: 12 January 2026

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण 21 नागरिकों की मौत और हजारों लोगों के बीमार होने की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले में प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को इंदौर में “न्याय यात्रा” निकाली गई। न्याय यात्रा की शुरुआत बड़ा गणपति चौराहे से हुई, जो राजबाड़ा चौक स्थित मां अहिल्याबाई की प्रतिमा तक पहुंची। पूरे मार्ग में बड़ी संख्या में नागरिक, महिलाएं और युवा शामिल हुए। लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर शुद्ध पेयजल के अधिकार, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय देने की मांग लिखी हुई थी।

यात्रा के दौरान मौजूद लोगों ने नगर निगम और राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर में लोगों की मौत दूषित पानी से होना सिस्टम की बड़ी विफलता है। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे और इंदौर के महापौर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठी।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से मिला बल

न्याय यात्रा में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इनमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मीना नटराजन, कांतिलाल भूरिया, कमलेश्वर पटेल, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, जयवर्धन सिंह, हनी बघेल, फुल सिंह बरैया, एन पी प्रजापति, विजयलक्ष्मी साधो सहित बड़ी संख्या में विधायक, पूर्व मंत्री, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के पदाधिकारी मौजूद रहे।

हरीश चौधरी का आरोप

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि किसी भी इंसान के जीवन के लिए शुद्ध हवा और साफ पानी सबसे बुनियादी जरूरत हैं, लेकिन भाजपा सरकार इन्हें देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में हुई मौतें कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा हैं। कांग्रेस तब तक संघर्ष जारी रखेगी, जब तक दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता।

जीतू पटवारी बोले

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर को स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलते हैं, लेकिन जनता को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में 22 साल से सरकार, 25 साल से नगर निगम और दशकों से सांसद भाजपा के हैं, फिर भी लोग जहरीला पानी पीकर मर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिम्मेदार लोगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

उमंग सिंघार का तीखा हमला

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जिन 21 लोगों की मौत हुई, वे भी इसी प्रदेश के नागरिक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशील मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीति कर रही है, जबकि इंदौर की जनता दूषित पानी, खराब सड़कों और अव्यवस्थित यातायात से जूझ रही है। उन्होंने लोगों से अपने घरों के पानी की जांच कराने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक तरफ लोग जहरीला पानी पीकर जान गंवा रहे हैं और दूसरी तरफ सरकार के जिम्मेदार लोग कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घर-घर जाकर यह जांच करेगी कि जनता को साफ पानी मिल रहा है या नहीं। शुद्ध पेयजल जनता का मौलिक अधिकार है और इसे लेकर कोई समझौता नहीं होगा।

संघर्ष जारी रखने का संकल्प

कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भागीरथपुरा की घटना ने सरकार की असलियत सामने ला दी है। यह न्याय यात्रा केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि जिम्मेदारों को सजा दिलाने का संकल्प है। जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के ठोस कदम नहीं उठाए जाते, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।

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