इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में फैले जल संकट और मौतों के बीच कांग्रेस नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोके जाने का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि दुख की इस घड़ी में पीड़ितों से मिलने से रोकना निंदनीय और असंवेदनशील कदम है।
उमंग सिंघार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब लोग अपने अपनों को खो चुके हैं, तब जनप्रतिनिधियों का उनसे मिलना उनका नैतिक दायित्व है। ऐसे समय में नेताओं को रोका जाना यह दर्शाता है कि प्रशासन सच्चाई सामने आने से डर रहा है। उन्होंने इसे जनता की आवाज दबाने का प्रयास बताया।
खुद भागीरथपुरा पहुंचने का एलान
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी ऐलान किया कि वह स्वयं भागीरथपुरा जाकर वहां के नागरिकों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में वे पीड़ित परिवारों की बात सुनेंगे और जमीनी हालात का जायजा लेंगे। सिंघार के इस बयान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी सक्रियता बढ़ गई है। उमंग सिंघार ने कहा कि इस कठिन समय में कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता और हर नेता भागीरथपुरा के नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी न केवल पीड़ितों की आवाज बनेगी, बल्कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
सिर्फ़ शहरों में ही नहीं, मध्य प्रदेश में स्कूलों, आंगनवाड़ियों और अस्पतालों में पिलाया जा रहा दूषित पानी !
जल शक्ति मंत्रालय की Functionality Assessment of Household Tap Connections (FAHTC) 2024 रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में सार्वजनिक संस्थानों में पीने के पानी की बेहद… pic.twitter.com/DFFokKYfD3
— Umang Singhar (@UmangSinghar) January 5, 2026
दूषित पानी से उपजा संकट बना सियासी मुद्दा
भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद यह मामला अब केवल स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष लगातार प्रशासन और सरकार पर लापरवाही के आरोप लगा रहा है। वहीं, लोगों में भी यह भावना मजबूत हो रही है कि उनकी पीड़ा को अनसुना किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए। ऐसे में विपक्षी नेताओं का इलाके में आना लोगों को उम्मीद की एक किरण जैसा लग रहा है। उमंग सिंघार का दौरा इस मामले में नया मोड़ ला सकता है।
भागीरथपुरा (इंदौर) की घटना से प्रदेश का प्रत्येक नागरिक शर्मसार और अत्यंत चिंतित है। मैंने पहले भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि संवेदना और मानवीय सरोकार का है।
पिछले चार दिनों में मैंने तीन बार इंदौर कलेक्टर से इस विषय पर चर्चा की है। हम भागीरथपुरा के… pic.twitter.com/XafiylKHO1
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 5, 2026
नेता प्रतिपक्ष के बयान और दौरे के एलान के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में भागीरथपुरा का मामला और ज्यादा गरमाने वाला है। कांग्रेस इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनाकर सड़क से सदन तक उठाने की तैयारी में है, जबकि प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
