देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले Indore में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। यह वीडियो Maharaja Yeshwantrao Hospital (एमवाय अस्पताल) के बाहर का बताया जा रहा है, जिसमें दो महिलाएं एक मरीज को पहिए वाले स्ट्रेचर पर सड़क पार कराते हुए नजर आ रही हैं। करीब 1 मिनट 21 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है।
वीडियो में दिखाई देता है कि दोनों महिलाएं, जिन्हें मरीज का परिजन बताया जा रहा है, शासकीय डेंटल कॉलेज के सामने से ट्रैफिक के बीच स्ट्रेचर धकेलते हुए अस्पताल की ओर बढ़ रही हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने के कारण उन्हें मरीज को अगले गेट तक ले जाना पड़ा। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही जारी रही, जिससे स्थिति और जोखिमभरी बन गई।
एमवाय अस्पताल
वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि स्ट्रेचर अस्पताल का है, तो वह परिसर से बाहर सड़क तक कैसे पहुंचा? क्या उस समय अस्पताल की ओर से पर्याप्त सहायता उपलब्ध नहीं थी? परिजनों को खुद मरीज को सड़क पार कराने की नौबत क्यों आई? ये सवाल अब चर्चा का विषय बन चुके हैं।
वीडियो अपलोड करने का दावा
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर संदीप मीणा द्वारा ‘इंदौर अपडेट’ नामक पेज पर साझा किया गया है। उनके मुताबिक, यह घटना 13 फरवरी दोपहर 1:39 बजे की है, जबकि वीडियो 16 फरवरी की शाम को पोस्ट किया गया। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्वच्छता में लगातार अव्वल रहने वाला इंदौर अब अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आलोचना झेल रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या इतने बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों को इस तरह सड़क पर स्ट्रेचर धकेलते हुए ले जाना पड़ना चाहिए? बंद गेट, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की तत्परता जैसे मुद्दों पर भी बहस तेज हो गई है।
यह मामला एक वायरल वीडियो से आगे बढ़कर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और मरीजों की सुविधा से जुड़े व्यापक सवालों का रूप ले चुका है। अब सबकी नजर प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर टिकी है।
