इंदौर में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और शहर घने कोहरे की गिरफ्त में आ गया। सुबह होते ही दृश्यता इतनी कम हो गई कि सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। हालात ऐसे रहे कि कुछ ही मीटर की दूरी पर मौजूद चीजें भी साफ नजर नहीं आ रहीं थीं। इस बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर हवाई यातायात पर देखने को मिला। इंदौर एयरपोर्ट पर आमतौर पर सुबह 6.40 बजे से विमानों का उतरना शुरू हो जाता है, लेकिन घने कोहरे ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ दिया। आज पहला विमान करीब 9.30 बजे रनवे पर उतर सका। शुरुआती देरी का असर पूरे दिन के शेड्यूल पर पड़ा, जिससे आने वाली उड़ानों के साथ-साथ जाने वाली फ्लाइट्स भी लेट होती चली गईं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, सामान्य दिनों में जहां सुबह के समय दृश्यता तीन से पांच किलोमीटर तक रहती है, वहीं आज यह घटकर मात्र 100 मीटर तक सिमट गई। कोहरा इतना घना था कि रनवे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों की लैंडिंग और टेकऑफ में अतिरिक्त सावधानी बरती गई।
एटीसी की पहले से चेतावनी
कोहरे की गंभीर स्थिति को भांपते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने पहले ही अन्य शहरों से आने वाली उड़ानों को सतर्क कर दिया था। इसी कारण अधिकांश विमान तय समय पर रवाना ही नहीं हो सके और देरी से उड़ान भरी। इंदौर पहुंचने में हुई देरी का असर वापसी की उड़ानों पर भी साफ नजर आया। सुबह से लेकर दोपहर तक करीब 16 से अधिक फ्लाइट्स दो से तीन घंटे की देरी से संचालित हुईं। जो विमान रात में इंदौर पहुंच चुके थे, उनका डिपार्चर भी निर्धारित समय से काफी देर से हुआ। लंबे इंतजार, कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने और अनिश्चितता के कारण यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नासिक की उड़ान रद्द
इसी बीच इंडिगो एयरलाइंस ने इंदौर-नासिक उड़ान को निरस्त कर दिया। यह फ्लाइट दोपहर 1.30 बजे इंदौर से रवाना होकर शाम को वापस लौटती है। अचानक रद्द होने से यात्रियों की योजनाएं बिगड़ गईं। एयरलाइंस ने रिफंड और री-बुकिंग का विकल्प जरूर दिया, लेकिन असुविधा से यात्री नाराज नजर आए।
देरी से पहुंचीं उड़ानें
कोहरे के असर से पुणे, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर और बेंगलुरु से आने वाली कई उड़ानें तय समय से काफी देर से इंदौर पहुंचीं। मौसम साफ होने के बाद ही हालात धीरे-धीरे सामान्य हो सके, लेकिन तब तक हवाई यात्रियों का पूरा दिन अस्त-व्यस्त हो चुका था।
